संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) के चुनाव में हो रही देरी पर भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने गंभीर रुख अपनाते हुए तीन सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित की है। यह समिति 17 जुलाई तक अपनी गोपनीय रिपोर्ट आईओए को सौंपेगी, जिसे बाद में वर्ल्ड बॉक्सिंग को भेजा जाएगा।
पेरिस ओलंपिक की तैयारी के बीच शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने जानकारी दी कि हाल ही में वर्ल्ड बॉक्सिंग ने भारत सरकार के खेल मंत्रालय और आईओए से बीएफआई चुनाव में देरी को लेकर रिपोर्ट मांगी थी। इसके जवाब में आईओए ने पारदर्शिता और समयबद्ध प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए यह समिति बनाई है।
इस समिति की अध्यक्षता आईओए के कोषाध्यक्ष सहदेव यादव कर रहे हैं। अन्य दो सदस्य हैं कार्यकारिणी सदस्य भूपेंद्र सिंह बाजवा और अधिवक्ता पायल काकरा। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) से मान्यता प्राप्त वर्ल्ड बॉक्सिंग और भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार बीएफआई चुनाव नेशनल स्पोर्ट्स एक्ट 2011 के तहत कराना अनिवार्य है।
इस बार बीएफआई अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला बेहद दिलचस्प और राजनीतिक रूप से गर्म है। एक ओर पूर्व केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर उम्मीदवार हैं, तो दूसरी ओर स्पाइसजेट के चेयरमैन अजय सिंह पूरी ताकत के साथ मैदान में डटे हैं। इस टक्कर ने चुनाव को सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना दिया है।
गौरतलब है कि बीएफआई की मौजूदा कार्यकारिणी का कार्यकाल 2 फरवरी 2025 को समाप्त हो चुका है, बावजूद इसके चुनाव अब तक नहीं हो सके हैं। ऐसे में आईओए की फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट के आधार पर ही भविष्य की कार्रवाई तय की जाएगी।