गुहला-चीका/कैथल। जिले की चीका मंडी में धान उठान में एक ही गाड़ी पर अलग-अलग नंबर लगाकर उठान करने के आरोपों पर अभी जांच शुरू नहीं हो पाई है। मामले में एसडीएम के छुट्टी पर होने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। किसान संगठनों का आरोप है कि कई राइस मिलरों की खरीद एजेंसियों के साथ मिलीभगत है। इस वजह से वाहनों के डुप्लीकेट नंबरों के सहारे धान उठान किया जा रहा है।
आरोप हैं कि कागजों में धान मंडी से उठाकर राइस मिलों तक पहुंचा दिया जाता है, जबकि संबंधित वाहन वास्तव में मंडी में आया ही नहीं होता। भाकियू चढूनी प्रदेश उपाध्यक्ष चमकौर बनेड़ा, जिला उपाध्यक्ष केवल सदहरेड़ी ने आरोप लगाए कि कुछ वाहन नंबर प्लेट पर दूसरी प्लेट लगाकर नंबर बदलते हैं। एक ही ट्रक पर कभी मोटरसाइकिल, कभी कार तो कभी ट्रैक्टर का नंबर दर्शाकर दिन में दो से तीन बार तक गेट पास कटवाए जा रहे हैं। एसडीएम मनीष यादव का कहना है कि आरोपों की जांच जल्द शुरू करवाई जाएगी। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
नंबर प्लेट में बदलाव
इस तरीके से कागजों में अलग-अलग वाहनों के जरिये धान उठाने का रिकार्ड तैयार होने की आशंका है। नंबर प्लेट में बदलाव का उद्देश्य सीसीटीवी कैमरों की निगरानी से बचना हो सकता है। किसान संगठनों का दावा है कि वाहनों की नंबर प्लेटों पर कागज चिपकाकर नंबर बदलने जैसी गतिविधियां हुई हैं। मंडी में एक ही नंबर की कई गाड़ियां भी दिखाई दी हैं। वहीं एक आढ़ती ने भी आरोप लगाया कि कुछ गाड़ियों के गेट पास बिना तौल के ही जारी हो रहे हैं। इन दावों ने मंडी में वाहनों की वास्तविक आवाजाही, तौल व्यवस्था और गेट पास रिकॉर्ड की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मार्केट कमेटी चीका के सचिव विजय कुमार ने कहा कि उठान के लिए जो गाड़ी नंबर पोर्टल पर दर्ज हैं, उनके जीपीएस के आधार पर ही गेटपास कटता है। फिर भी निगरानी रखी जा रही है।