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Kaithal News: लिंगानुपात सुधारने के लिए तालमेल बनाने के निर्देश

Fri, 21 Feb 2025 12:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। लघु सचिवालय स्थित सभागार में वीरवार को डीसी प्रीति ने जिले के लिंगानुपात के संदर्भ में स्वास्थ्य व महिला एवं बाल कल्याण विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की संयुक्त बैठक ली। इस मौके पर उन्होंने जिले के गांवों में लिंगानुपात की स्थिति सुधारने के लिए अधिकारियों व कर्मचारियों को तालमेल बनाने के निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि सीएचसी राजौंद, पूंडरी, कौल, कलायत, भागल, सीवन में लिंगानुपात की स्थिति को सुधारा जाए।

डीसी ने कहा कि सभी सीएचसी , पीएचसी प्रभारी अपने क्षेत्र में काम कर रही एएनएम, आंगनबाड़ी वर्कर्स, आशा वर्कर्स के साथ-साथ उस क्षेत्र की महिला एवं बाल कल्याण विभाग की सीडीपीओ व सुपरवाइजर के साथ तालमेल जमीनी स्तर पर काम करते हुए सूचनाएं एकत्रित करें, ताकि एक टीम के तौर पर काम करते हुए लिंगानुपात में सुधार किया जा सके।
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डीसी ने कहा कि पीएनडीटी एक्ट के तहत छापेमारी बढ़ाई जाए। साथ ही एक लड़की पैदा होने के बाद संबंधित परिवार का मार्गदर्शन करते हुए विशेष निगरानी बरती जाए। बैठक में डीसी प्रीति ने कहा कि बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लिंगानुपात को लेकर विशेष गंभीरता बरतने को कहा है। सीएम ने निर्देश दिए हैं कि पीएनडीटी एक्ट का सख्ती से पालन हो।

डीसी ने कहा कि कई गांवों में लिंगानुपात काफी नीचे चला गया है, जो काफी चिंता की बात है। उन्होंने सभी चिकित्सीय अधिकारियों सहित उनके अधीनस्थ कार्यरत चिकित्सा कर्मियों को निर्देश दिया कि गर्भवती महिलाओं से मिलें। उनका पंजीकरण करवाएं। उनके परिवार में उनकी सास व उनके पतियों से मिलें। उनकी काउंसलिंग करें। उन्हें बताएं कि महिला व उसके बच्चे का स्वास्थ्य कितना जरूरी है। स्वास्थ्य कर्मी एक रिपोर्ट तैयार करें कि किसी महिला की नौ माह में गर्भ के दौरान स्थिति काफी ठीक थी। अचानक उसका गर्भपात हुआ है तो क्यों हुआ है? इस पर गर्भपात के कारणों का पता लगाया जा सके।

डीसी ने कहा कि जो महिला गर्भवती है और अचानक उसे उसका गर्भ गिर गया, उससे सवाल पूछें कि क्या हुआ? गुहला क्षेत्र में बॉर्डर इलाके में विशेष निगरानी की आवश्यकता है। यदि उन्हें कोई परेशानी है तो वे बताएं। उनकी हर बात सुनी जाएगी। लिंगानुपात को लेकर सूचनाएं साझा करें। इस कृत्य में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अपने व्यक्तिगत मामलों को छोड़कर अपनी जिम्मेदारी को संभालें। लगातार बैठकें कर चर्चा करें।
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डीसी ने कहा कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर सुझाव पेटिका लगाई जाए। बीडीपीओ, ग्राम सचिव से मिलें। डीसी प्रीति ने कहा कि सभी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी स्कूलों में जाकर प्रार्थना सभाओं में बच्चों से बात करें। ग्राम सभाओं में लोगों से बात करें। बैठक में एडीसी दीपक बाबू लाल करवा ने कहा कि यह जरूरी है कि लड़की पैदा होने वाले परिवारों पर नजर रखी जाए। उन्हें जागरूक किया जाए ताकि कन्या भ्रूण हत्या को रोका जा सके।
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