संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। लघु सचिवालय में सोमवार को आयोजित समाधान शिविर के दौरान अधिकारियों की अनुपस्थिति पर एडीसी सुशील कुमार का सख्त रुख देखने को मिला। कृषि विभाग और खेल विभाग के मुख्य अधिकारी शिविर में उपस्थित नहीं हुए, जिस पर एडीसी ने दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
सोमवार को शिविर की अध्यक्षता कर रहे एडीसी उस समय नाराज हो गए जब उन्हें पता चला कि दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी ड्यूटी पर मौजूद नहीं हैं और उनकी जगह कनिष्ठ कर्मचारियों को भेज दिया गया है। इस पर एडीसी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पिछली बार भी ये अधिकारी नहीं मिले थे। क्या ये हमेशा छुट्टी पर ही रहते हैं?
उन्होंने मौके पर मौजूद कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागाध्यक्षों का व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना अनिवार्य है। शिविर में कुल छह शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से चार का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि दो मामलों में आवश्यक निर्देश जारी किए गए।
पीपीपी और राशन कार्ड से जुड़ी शिकायतें अधिक : शिविर में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के लोग परिवार पहचान पत्र (पीपीपी), राशन कार्ड और वृद्धावस्था पेंशन से संबंधित समस्याएं लेकर पहुंचे। लोगों का कहना था कि वे लंबे समय से विभिन्न कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा। शिविर में उन्हें शीघ्र निपटारे का आश्वासन दिया गया।
एडीसी सुशील कुमार ने अन्य अधिकारियों को भी चेतावनी देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि जनता की शिकायतों का मौके पर ही निपटारा किया जाए। यदि विभागाध्यक्ष ही अनुपस्थित रहेंगे तो समाधान प्रक्रिया प्रभावित होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एसडीएम ने सुनीं जन समस्याएं
गुहला-चीका। एसडीएम कार्यालय में सोमवार को समाधान शिविर आयोजित किया गया। एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे समाधान शिविर में आने वाले लोगों की शिकायतों को ध्यानपूर्वक सुन उनका उचित निष्कर्ष निकालें।
फरियादी बोले
मुझे गुलाबी राशन कार्ड बनवाना है। मेरी परिवार पहचान पत्र में वार्षिक आय 1.40 लाख रुपये दर्ज है। मैंने संबंधित अधिकारियों को समस्या बताई है और समाधान के लिए मुझे एक सप्ताह का समय दिया गया है। उम्मीद है कि निर्धारित समय में मेरा काम हो जाएगा। -रवि, डिफेंस कॉलोनी
मैं दीन दयाल योजना का लाभ लेने के लिए लंबे समय से प्रयास कर रही हूं। मेरे बेटे का निधन हो चुका है, जिसके बाद से मुझे आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शिविर में अधिकारियों ने मेरी बात सुनी और जल्द समाधान का आश्वासन दिया है। -सुमन, शहर निवासी