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Kaithal News: इनेलो का धरना-प्रदर्शन कल, किसानों की समस्याएं उठाएंगे पदाधिकारी

Sun, 02 Nov 2025 12:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। हरियाणा में हालिया बारिश और जलभराव से किसानों की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं, लेकिन सरकार की चुप्पी से किसानों में गहरा रोष है। इन्हीं समस्याओं को लेकर इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। पार्टी तीन नवंबर को हर जिले के मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन करेगी और उपायुक्तों को ज्ञापन सौंपकर सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाएगी।

इनेलो प्रदेशाध्यक्ष चौधरी रामपाल माजरा ने कहा कि बारिश और जलभराव से प्रदेश के हजारों एकड़ में धान, बाजरा और अन्य फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं, लेकिन अब तक सरकार ने न तो विशेष गिरदावरी करवाई है और न ही किसानों को मुआवजा दिया है।
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ाजरा ने कहा कि मंडियों में धान और बाजरे की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम दरों पर की जा रही है, जिससे किसान भारी आर्थिक संकट में हैं। वहीं, खाद की किल्लत और कालाबाजारी ने किसानों की परेशानी और बढ़ा दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने किसानों की समस्याओं से पूरी तरह आंखें मूंद रखी हैं। बरसात के बाद खेतों में पानी भरा रहने से किसान अगली फसल की बुआई भी नहीं कर पा रहे हैं। मंडियों में फसल लेकर जाने पर सरकारी एजेंसियां खरीद से पीछे हट रही हैं, जबकि व्यापारी खुले बाजार में एमएसपी से काफी कम दामों पर फसल खरीद रहे हैं। माजरा ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द समाधान नहीं निकाला, तो इनेलो आंदोलन को और तेज करेगी।

बैठक में जिला अध्यक्ष अनिल तंवर, युवा अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा, कर्मचारी संघ अध्यक्ष रघुबीर शिमला, किसान सैल अध्यक्ष सलिंदर राणा, लीगल सेल अध्यक्ष शशी वालिया, ओबीसी सेल अध्यक्ष सोनू वर्मा आदि उपस्थित रहे।
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कैथल में होगा प्रतीकात्मक लेकिन प्रभावी प्रदर्शन

इनेलो ने घोषणा की है कि तीन नवंबर को कैथल में होने वाले विरोध प्रदर्शन के तहत पार्टी कार्यकर्ता जवाहर पार्क से लघु सचिवालय तक ट्रैक्टरों, जेसीबी मशीनों और पैदल मार्च के रूप में रोष प्रदर्शन करेंगे। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान, मजदूर, व्यापारी और पार्टी समर्थक शामिल होंगे। नेताओं ने बताया कि यह प्रदर्शन प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि किसानों के दर्द की असली आवाज होगा। ट्रैक्टर और जेसीबी मशीनें किसानों की मेहनत, संघर्ष और बर्बाद फसलों का प्रतीक बनकर चलेंगी। लघु सचिवालय पहुंचकर कार्यकर्ता उपायुक्त को ज्ञापन सौंपेंगे और सरकार से मांग करेंगे कि किसानों के हित में ठोस कदम तुरंत उठाए जाएं।
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