संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। हरियाणा के किसानों की समस्याओं के मुद्दे पर इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं प्रदेशाध्यक्ष चौधरी रामपाल माजरा के नेतृत्व में इनेलो कार्यकर्ताओं ने जवाहर पार्क से लघु सचिवालय तक एक विशाल ट्रैक्टर रैली व रोष मार्च निकाला।
यह प्रदर्शन बाढ़ और जलभराव के कारण खरीफ की फसलों को हुए भारी नुकसान, पशुओं की मौत, खाद की किल्लत, एमएसपी पर धांधली और किसानों को मुआवजा न मिलने के विरोध में आयोजित किया गया। मार्च में सैकड़ों किसान ट्रैक्टरों, जेसीबी मशीनों और पार्टी झंडों के साथ शामिल हुए। पूरे रास्ते किसान किसानों को न्याय दो, खराबे का मुआवजा दो, डीएपी-यूरिया की किल्लत दूर करो और एमएसपी पर खरीद सुनिश्चित करो जैसे नारे लगाते रहे। प्रदर्शन इतना विशाल था कि शहर के कई मार्गों पर ट्रैफिक प्रभावित हो गया।
मार्च के बाद इनेलो प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष के नाम ज्ञापन तहसीलदार कैथल को सौंपा। इस अवसर पर प्रदेश महासचिव प्रदीप गिल, युवा नेता अमनदीप माजरा, जाट शिक्षा संस्थान के सचिव रश्मि ढुल, जिला अध्यक्ष अनिल तंवर, जिला संयोजक मोनू बालू, युवा अध्यक्ष देवंेद्र शर्मा पुजारी और जिला कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रघुबीर शिमला आदि उपस्थित रहे।
खरीद में धांधली और बीमा कंपनियों की भूमिका पर सवाल ः रामपाल माजरा ने फसलों की खरीद प्रक्रिया में चल रही अनियमितताओं की कड़ी आलोचना की। ज्ञापन में कहा गया कि धान की खरीद में नमी के नाम पर प्रति क्विंटल 300 से 400 रुपये तक की कटौती की जा रही है। वहीं, बाजरे में समर्थन मूल्य और बाजार भाव के बीच 700 से 800 रुपये प्रति क्विंटल का अंतर किसानों के नुकसान को और बढ़ा रहा है। माजरा ने कहा कि हरियाणा का किसान हक के लिए संघर्ष कर रहा है।
ज्ञापन की प्रमुख मांगें
ज्ञापन में बताया गया कि प्रदेश के 12 जिलों में साढ़े चार लाख किसानों की लगभग 19 लाख एकड़ फसल बर्बाद हो चुकी है, जबकि करीब 6000 गांव जलभराव और बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। बावजूद इसके सरकार ने किसी भी प्रभावित किसान को मुआवजा नहीं दिया है, न ही जलभराव की समस्या का समाधान किया गया है। माजरा ने मांग की कि सरकार किसानों को प्रति एकड़ कम से कम 50 हजार रुपये का मुआवजा प्रदान करे, ताकि वे आगामी रबी फसल की बुआई कर सकें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 10 दिनों के भीतर जलभराव की निकासी नहीं की गई, तो किसान अगली फसल की बुआई नहीं कर पाएंगे, जिससे प्रदेश की कृषि व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होगी।
शहर में जेसीबी पर चढ़कर प्रदर्शन करते इनेलो कार्यकर्ता। संवाद- फोटो : udhampur news
शहर में जेसीबी पर चढ़कर प्रदर्शन करते इनेलो कार्यकर्ता। संवाद- फोटो : udhampur news
शहर में जेसीबी पर चढ़कर प्रदर्शन करते इनेलो कार्यकर्ता। संवाद- फोटो : udhampur news
शहर में जेसीबी पर चढ़कर प्रदर्शन करते इनेलो कार्यकर्ता। संवाद- फोटो : udhampur news