संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। एनआईआईएलएम विश्वविद्यालय के कॉमर्स एंड मैनेजमेंट विभाग के तत्वावधान में चार्टर्ड अकाउंटेंट दिवस मनाया। इसमें बतौर मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. शमीम अहमद ने शिरकत की। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में चार्टर्ड अकाउंटेंट सुरेंद्र सलूजा ने अपना वक्तव्य देते हुए कई जानकारियां दीं।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. शमीम अहमद कहा कि भारत में राष्ट्रीय चार्टर्ड अकाउंटेंट दिवस एक जुलाई को मनाया जाता है। यह दिन 1949 में एक संसदीय अधिनियम के माध्यम से इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की स्थापना की याद दिलाता है। आईसीएआई को चार्टर्ड अकाउंटेंट के लिए दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा पेशेवर संगठन होने का गौरव प्राप्त है।
मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए चार्टर्ड अकाउंटेंट सुरेंद्र सलूजा ने कहा कि आईसीएआई, एक वैधानिक निकाय के रूप में कार्य करते हुए, भारत में चार्टर्ड अकाउंटेंसी पेशे की देखरेख के लिए जिम्मेदार है। आईसीएआई के गठन से पहले, देश में लेखांकन पेशे में विनियमन का अभाव था। उन्होंने बताया कि आईसीएआई की स्थापना से पूरे देश में चार्टर्ड अकाउंटेंट की शिक्षा, योग्यता और पेशेवर आचरण को नियंत्रित करने वाला एक संरक्षित ढांचा तैयार हुआ। यह वित्त और अर्थव्यवस्था की दुनिया में सीए द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका को मान्यता देता है। इस अवसर पर डीन आफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट डॉ.रेखा गुप्ता,विश्वविद्यालय जनसंपर्क अधिकारी डॉ. मनोज कुमार, अरविंद श्योराण, रीना कोशिक एवम सभी प्राध्यापकगण और छात्र विशेष रूप से मौजूद रहे।