कैथल। किसान धान की कटाई के बाद अपने खेत में आग न लगाएं। आग लगाने से वायु प्रदूषण होता है और मिट्टी के पोषक तत्व भी नष्ट हो जाते हैं। यह अपील कृषि उपनिदेशक डा. बाबूलाल ने किसानों से की है।
बाबू लाल ने कहा कि धान उत्पादक किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए हरियाणा सरकार एक हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से प्रोत्साहन राशि प्रदान करेगी। कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन योजना एसबी-82, 2024-25 के तहत अवशेषों को मशीनों की सहायता से मिट्टी में मिलाने पर किसानों को प्रति एकड़ एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है।
धान अवशेषों को मिट्टी में मिलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी तथा वातावरण को स्वच्छ रखने में सहायता मिलेगी। जिला के किसान हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, रिवर्सेबल एमबी प्लॉव व जीरो टिल सीड ड्रील की सहायता से धान अवशेषों को मिट्टी में मिलाकर प्रोत्साहन राशि के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि आवेदक किसान को मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए किसान को विभागीय पोर्टल एग्री हरियाणा.जीओवी.इन पर आवेदन करना होगा। ग्राम स्तरीय कमेटी (वीएलसी) से सत्यापन करवाना होगा तथा जीपीएस लोकेशन के साथ फसल प्रबंधन की फोटो अपलोड करनी होगी। उसके बाद पात्र किसानों को प्रोत्साहन राशि का लाभ दे दिया जाएगा।