फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ईरान-अमेरिका तनाव का असर: बासमती चावल के दाम गिरे, निर्यातकों का भुगतान अटका

Sat, 17 Jan 2026 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
विज्ञापन
विज्ञापन
ईरान-अमेरिका तनाव का असर: बासमती चावल के दाम गिरे, निर्यातकों का भुगतान अटका
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी

कैथल। ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव का सीधा असर चावल के कारोबार पर दिखाई देने लगा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सप्लाई प्रभावित होने से चावल निर्यातकों को भुगतान मिलने में देरी हो रही है। इस कारण निर्यातकों ने फिलहाल नए ऑर्डर लेने से हाथ खींच लिए हैं। बाजार में असमंजस की स्थिति बनी हुई है, वहीं बासमती चावल की कीमतों में 7 से 8 रुपये प्रति किलो तक की गिरावट दर्ज की गई है।



व्यापारियों के अनुसार ईरान लंबे समय से भारतीय बासमती चावल का बड़ा आयातक रहा है। वहां 1121 और 1718 किस्म की बासमती की अच्छी मांग रहती है, लेकिन मौजूदा राजनीतिक और आर्थिक संकट के चलते भुगतान अटकने और शिपमेंट में देरी जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। इसका सीधा असर स्थानीय बाजार पर भी पड़ा है।
विज्ञापन




बासमती चावल के कारोबारी रविंद्र मित्तल ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से ईरान के लिए नए ऑर्डर लगभग रुक से गए हैं। पहले रोजाना नए सौदे होते थे, लेकिन अब निर्यातक जोखिम उठाने से बच रहे हैं। भुगतान को लेकर अनिश्चितता के चलते फिलहाल पुराने ऑर्डर पूरे करने पर ही ध्यान दिया जा रहा है।



चावल निर्यातक सुभाष ने बताया कि हरियाणा से ईरान व अन्य देशों में करीब 10 लाख टन चावल का निर्यात होता है। ईरान में मौजूदा संकट के कारण बंदरगाहों पर कई टन माल फंसा हुआ है। हालांकि हरियाणा से अजरबैजान, जॉर्डन और यमन जैसे देशों में भी चावल निर्यात होता है, जिससे कुल मिलाकर ज्यादा बड़ा झटका नहीं लगेगा, लेकिन बाजार में मंदी जरूर आई है।



भगतसिंह चौक स्थित व्यापारी संदीप गर्ग ने बताया कि 1121 और 1509 किस्म के बासमती चावल के दाम पांच से दस रुपये प्रति किलो तक घटे हैं। जो चावल पहले 70 से 75 रुपये किलो बिक रहा था, वह अब 65 से 68 रुपये के आसपास पहुंच गया है। इससे किसानों और व्यापारियों, दोनों की चिंता बढ़ गई है।
विज्ञापन




जनता मार्केट के व्यापारी अशोक गोयल ने कहा कि यदि हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो आगे और गिरावट देखने को मिल सकती है। ईरान के आर्थिक संकट के कारण निर्यातकों की बड़ी रकम फंसी हुई है, जिसका असर आने वाले दिनों में और गहराने की आशंका है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें