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Kaithal News: कुंभ जाने में असमर्थ तो गंगा जल मिलाकर करें स्नान

Thu, 23 Jan 2025 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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नरेंद्र राणा
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पूंडरी, कैथल। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ मेला चल रहा है। संगम में स्नान के लिए साधु-संतों के अलावा आम और खास व्यक्ति पहुंच रहे हैं। जो बुजुर्ग वहां नहीं जा सकते, वे विशेष तिथियों में घर पर पानी में गंगा जल मिलाकर स्नान से पुण्य प्राप्त कर सकते हैं।

यह जानकारी पंडित रविदत्त शास्त्री ने दी है। उन्होंने बताया कि जो बुजुर्ग महिला व व्यक्ति या प्रयागराज जाने में असमर्थ जन 29 जनवरी, तीन, 12 व 26 फरवरी को अपने घर में बाल्टी में गंगा जल को मिलाकर स्नान कर सकते हैं। ऐसा करने से बहुत हद तक पुण्य प्राप्त होगा।
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कुंभ स्नान का महत्व ः शास्त्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में तीर्थों और पर्वों का महत्वपूर्ण स्थान है। तीर्थराज प्रयाग में गंगा, यमुना, सरस्वती के संगम क्षेत्र की महती महिमा का गुणगान, विविध पुराणों में उपलब्ध होता है। जैसे ग्रहों में सूर्य तथा तारों में चंद्रमा श्रेष्ठ है, वैसे ही तीर्थों मे प्रयागराज को सर्वोत्तम माना गया है। प्रयाग को तीर्थराज का पद दिया गया है। समस्त तीर्थों के अधिपति प्रयागराज की महिमा का गुणगान हिंदू धर्मग्रंथों में मिलता है। काल चक्र में सूर्य चंद्रमा एवं देव गुरु बृहस्पति का महत्वपूर्ण स्थान है । इन तीनों ग्रहों का योग ही कुंभ पर्व का प्रमुख आधार है।

अथर्ववेद के अनुसार, समुद्र मंथन के समय निकले अमृत कलश को लेकर देवता गण राक्षसों से बचाने के लिए 12 दिन तक इसे छिपाने की कोशिश करते रहे जिन चार स्थानों पर अमृत की बूंदें गिरी वहां कुंभ के आयोजन किए जाते हैं। प्रयागराज के अलावा ये स्थान हरिद्वार, नासिक और उज्जैन हैं।
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उन्होंने बताया कि कुंभ शब्द का अर्थ घट या धड़ा होता है साथ ही कुंभ का अर्थ विश्व या ब्रह्मांड भी है। जहां विश्व के अनेक पंथों, जाति, भाषा, संस्कृति, संप्रदाय के महात्माओं एवं सामान्य श्रद्धालु जनों का समागम होता है। वहीं, कुंभ महापर्व कहलाता है। संवाद
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