संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। गुहला क्षेत्र की नहरों में पानी न आने की वजह से सैकड़ों गांवों की फसल सूख रही है। इस मुद्दे पर गुहला-चीका के किसानों की बुधवार को चौधरी महा सिंह मार्केट कार्यालय में बैठक हुई। इसमें सरकार और प्रशासन से मांग की कि गुहला-चीका क्षेत्र की नहरों और रजवाहों में पानी छोड़ा जाए। साथ ही चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ऐसा न हुआ तो 26 जुलाई को उधम सिंह चौक पर जाम लगाएंगे।
नाराज किसानों ने कहा कि यदि मांगें न पूरी हुई तो गुहला हलके के किसान इकट्ठा हो कर सरकार और प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। बैठक की अध्यक्षता बीकेयू चढूनी जिला उपाध्यक्ष केवल सिंह संदहरेडी ने करते हुए कहा कि गुहला क्षेत्र की 90 फीसदी आबादी कृषि पर आधारित है। काफी समय से बारिश नहीं हो रही है। इसकी वजह से जमीनी पानी काफी नीचे चला गया है।
उनका कहना है कि अधिकतर नहरों में पानी न आने की वजह से घान की फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई है। वहीं चीका इलाके में पड़ने वाली चीका डिस्ट्रीब्यूटरी और उरलाना माइनर में करीब आठ महीने से पानी नहीं आया है। इसकी वजह से किसानों की फसल बर्बाद हो जाती है।
उनका कहना है कि गुहला हलका के सैंकड़ों किसान नहरों में पानी छोड़ने के लिए डीसी को भी ज्ञापन सौंपेंगे। यदि उसके बाद भी नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया तो सभी किसान शहीद उधम सिंह चौक चीका पर 26 जुलाई को जाम लगाएंगे। इस दौरान कोई घटना घटती है तो उसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
एसडीओ इरिगेशन डिपार्मेंट अजमेर मलिक ने कहा कि आज झांसा से पानी को खोल दिया गया है कल सुबह तक चीका उरलाना माइनर में पानी आ जाएगा। इस मौके पर बीकेयू चढूनी आईटी सेल प्रभारी जरनैल जैली, गुरबचन सिंह, हरजिंद्र नंबरदार, कृपाल सिंह, राहुल कुमार, नरेश शर्मा, रिंकू शर्मा पीडल, लख्मी भी मौजूद रहे।