संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। गुहला क्षेत्र की नहरों में पानी न आने की वजह से सैकड़ों गांवों की फसल सूख रही है। इस मुद्दे को लेकर गुहला-चीका के किसानों की बुधवार को गांव चौधरी महा सिंह मार्केट कार्यालय में एक बैठक हुई।
इसमें सरकार और प्रशासन से मांग की कि वे गुहला चीका क्षेत्र की नहरों और रजवाहों में पानी छोड़ा जाए। कहा कि ऐसा नहीं किया गया तो गुहला हलके के किसान इकठ्ठा हो कर सरकार और प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। बैठक की अध्यक्षता बीकेयू चढूनी आई टी सेल प्रभारी जरनैल जैली ने करते हुए कहा कि गुहला क्षेत्र की 90 फीसदी आबादी कृषि पर आधारित है। काफी समय से बरसात नहीं हो रही है। जिसकी वजह से जमीनी पानी काफी नीचे चला गया है।
उनका कहना है कि अधिकतर नहरों में पानी न आने की वजह से घान की फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई है। वहीं चीका इलाके में पड़ने वाली चीका डिस्ट्रीब्यूटरी और उरलाना माइनर में करीब छह महीने से पानी नहीं आया है। इसकी वजह से किसानों की फसल बर्बाद हो जाती है। उनका कहना है कि गुहला हलका के सैकड़ों किसान नहरों में पानी छोड़ने के लिए डीसी को भी ज्ञापन सौंपेंगे। यदि उसके बाद भी नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया तो किसान और युवा मिलकर शहीद उधम सिंह चौक चीका पर छह जुलाई को जाम लगाएंगे।
इस दौरान कोई घटना घटती है तो उसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। इस मौके पर बीकेयू चढूनी जिला उपाध्यक्ष केवल सिंह संदहरेडी, गुरबचन सिंह, गुरपाल गगड़पुर, गुरजंट टटियाना, हरजिंद्र नंबरदार, लखविंद्र सिंह उर्फ किंद्र भी मौजूद रहे।