23-कैथल। धरने पर एससी कशिक मान से टयूबवेल कनेक्शनो को लेकर सवाल जवाब करते हुए सरदार गुरनाम सिंह चढू
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कैथल। ट्यूबवेल के लिए बिजली कनेक्शन नहीं मिलने के विरोध में चौथे दिन भी किसानों का बिजली निगम कार्यालय में अनशन जारी रहा। इस बीच शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी किसानों के बीच पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योग या घर का कनेक्शन तो तुरंत जारी कर देती है, लेकिन ट्यूबवेल के कनेक्शन आठ वर्षों से लंबित हैं। जल्द ही समस्या का समाधान नहीं होने पर उन्होंने बिजली निगम कार्यालयों में तालाबंदी की चेतावनी दी।
उन्होंने कहा कि सरकार खेती पर पूरा बजट नहीं देती, जिसका नुकसान किसानों के साथ ही सरकार को भी उठाना पड़ रहा है। बड़ी संख्या में किसान खेती छोड़ने के लिए विवश हो रहे हैं। ड्रिप सिस्टम लगाने के नाम पर भी सरकार किसानों को टाल रही है, ताकि वे परेशान होकर खेती छोड़ दें। उन्होंने कहा कि नेता, मंत्री व विधायक किसानों की जगह कंपनियों की पैरवी कर रहे हैं, जबकि किसानों का केवल जाति व धर्म के नाम पर वोट डालने के लिए प्रयोग किया जा रहा है। अनशन के दौरान भूख हड़ताल पर किसान अनिल, कुलदीप, खेमचंद, रवि व अमित बैठे। किसानों ने मांगों को लेकर निगम प्रबंधन व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस अवसर पर युवा प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना, होशियार गिल, महावीर चहल, काला, संदीप, नरेंद्र व जसविंद्र मौजूद रहे।
समर्थन देने पहुंचे पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा
कैथल। पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा शुक्रवार को पिहोवा चौक पर किसानों को समर्थन देने पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की नहीं सुन रही है, लेकिन अगर किसानों ने सुनना बंद कर दिया तो सरकार की मुश्किलें बढ़ जाएगी। रामपाल माजरा ने कहा कि किसान के खेत प्यासे हैं। वे उनके लिए पानी मांग रहे हैं। पानी तभी आएगा, जब बिजली होगी, लेकिन आवेदन के वर्षों बाद भी किसानों के ट्यूबवेल कनेक्शन नहीं हो रहे हैं।