कैथल। जिला परिषद के माध्यम से गांवों में स्वच्छता अभियान के नाम पर आई 10 करोड़ रुपये की ग्रांट में सात करोड़ रुपये के घोटाले में अब नई परतें खुल रही है। इस मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने कुल 15 में सात आरोपियों को ही गिरफ्तार किया है। अन्य आठ आरोपी अभी भी उसकी गिरफ्त से बाहर हैं। ऐसे में एसीबी की अलग-अलग पांच टीमें विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर उनकी गिरफ्तारी का प्रयास कर कर रही है। मामले में नया खुलासा यह भी हुआ है कि आरोपी अधिकारी व ठेकेदार किसी को शक न होने देने के लिए फर्म के खातों में ही लेन-देन कर लेते थे। इसके बाद वे आपस ही फर्म में आए रुपयों का आपस में बांट लेते थे परंतु जैसे ही भ्रष्टाचार की आशंका हुई तो एसीबी ने जांच शुरू कर दी थी। वहीं, इस मामले में अभी तक मास्टरमाइंड सहित अन्य आरोपियों की करीब एक सप्ताह बाद भी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। मास्टर माइंड आरोपी जिप के पूर्व डिप्टी सीईओ जसविंद्र की गिरफ्तारी होने के बाद काफी खुलासे होंगे।
इन फर्मों के खाते में हुआ स्वच्छता अभियान की ग्रांट के रुपये का लेन-देन
1. कमलजीत निवासी किठाना प्रो-दा कैथल सरस्वती को-ऑपरेटिव सोसायटी के खाते में 88 लाख 19 हजार 583 रुपये।
2. प्रवीन सरदाना निवासी कैथल प्रो-भारत प्रौजेक्ट के खाते में 1 करोड़ 43 लाख 16 हजार 616 रुपये।
3. अनिल कुमार गर्ग निवासी पूंडरी प्रो-तेजस कांकरेट के खाते में 86 लाख 2 हजार 750 रुपये।
4. दिलबाग निवासी फरियाबाद प्रो-सत्यम कंस्ट्रक्शन के खाते में 1 करोड़ 62 लाख 84 हजार 279 रुपये।
5. सुमित मिगलानी निवासी कैथल प्रो-एयूटीयूएस एग्रोवेट इंडिया के खाते में 92 लाख 99 हजार 338 रुपये।
6. तिलक राज निवासी बारणा जिला कैथल प्रो-एमएस शिव इंटरप्राइजेज के खाते में 1 करोड़ 81 लाख 17 हजार 636 रुपये।
7. रोहताश निवासी ऋषि नगर कैथल प्रो-रोहताश कंस्ट्रक्शन के खाते में 72 लाख 17 हजार 320 रुपये।
8. राजेश गर्ग निवासी अनाज पूंडरी प्रो-वासू कंस्ट्रक्शन के खाते में 41 लाख 79 हजार 654 रुपये।
9. अभय संधू निवासी कुतबपुर प्रो-लक्ष्मी बिल्डिंग मैटरियल सप्लायर के खाते में 47 लाख 65 हजार 583 रुपये।
10. शुभम किसान पाइप कैथल के खाते में 4 लाख 74 हजार 925 रुपये का भुगतान हुआ।
घोटाले के आठ आरोपियों से पूछताछ के लिए उन्हें हिरासत में लेने के लिए एसीबी की टीमें लगातार उनके ठिकानों पर दबिश दे रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके अलावा जिला परिषद के तत्कालीन डिप्टी सीईओ के समय का रिकॉर्ड भी आज कब्जे में लिया जाएगा। अन्य पहलुओं पर भी जांच जारी है।
महेंद्र सिंह, प्रभारी, एसीबी, कैथल।
कैथल ही नहीं पूरे हरियाणा में भाजपा नेताओं ने सैकड़ों घोटाले किए हैं। हर बार जांच के नाम पर लीपापोती की जाती है और अधिकारियों को बलि का बकरा बना दिया जाता है। यही हाल कैथल में सफाई घोटाले की जांच के नाम पर किया जा रहा है। इस घोटाले में भाजपा के बड़े नेता भी शामिल हैं। उनकी शह के बिना ये घोटाला संभव ही नहीं है। इस मामले की सही तरह से जांच हो और जो बड़ी मछलियां हैं, उन्हें भी पकड़ना चाहिए। बीते दस सालों में भाजपा ने हरियाणा को घोटालों में नंबर-1 प्रदेश बना दिया है।
अनुराग ढांडा, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, आम आदमी पार्टी, हरियाणा