सीवन। अनाज मंडी में मंडी से उठान कार्य सुचारु रूप से तेज गति से शुरू नहीं करवाया तो आढ़ती सड़कों पर उतरने पर मजबूर होंगे। ये जानकारी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान अमरेंद्र सिंह खारा ने दी। जल्द उठान न होने की सूरत में फसलों की घटौती आढ़ती नहीं देंगे, बल्कि सरकार इसे ट्रांसपोर्टरों व संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों से वसूली करे।
मंडी एसोसिएशन प्रधान अमरेंद्र सिंह खारा ने कहा कि सीवन मंडी में डीएफएससी विभाग की ओर से 12 अप्रैल को पहली खरीद और 22 अप्रैल को दूसरी खरीद की गई थी। दोनों खरीद में एजेंसी की ओर से करीब 85 हजार कट्टों की सरकारी खरीद की गई थी। इनमें से अब तक 40 से 45 हजार कट्टों का ही उठान हुआ है। उन्होंने कहा कि उठान न होने के कारण किसानों की बिकी हुई फसल का भुगतान भी रुका हुआ है।
उन्होंने मांग की कि सरकार बिना समय गंवाए जिस दिन से किसानों की फसलें बिकी है, उसी दिन से ब्याज सहित किसानों को फसलों की राशि मुहैया करवाए। उठान न होने के कारण गेहूं के कट्टों में घटौती हो रही है, जिसमें आढ़तियों व किसानों का कोई लेना-देना नहीं है। प्रधान खारा ने कहा कि गेहूं के कट्टों में हो रही घटौती की भरपाई ट्रांसपोर्टर व संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों से करवाई जाए, आढ़ती किसी भी सूरत में गेहूं की घटौती नहीं देंगे। घटौती के लिए ट्रांसपोर्टर व एजेंसी के अधिकारियों की ढुलमुल नीतियां जिम्मेवार है। अगर समय पर उठान होता तो ऐसी स्थिति पैदा न होती। मंडी प्रधान ने आरोप लगाते हुए कहा कि सीवन मंडी में जो गाडिय़ां उठान के लिए लगाई गई थी, उनको चीका मंडी में उठान के लिए लगा दिया है, इसका प्रमुख कारण मुख्यमंत्री की रैली बताया जा रहा है। सरकार व प्रशासन की इस नीति की सीवन आढ़ती एसोसिएशन कड़ा विरोध करती है। उन्होंने कहा कि सीवन मंडी की आढ़ती एसोसिएशन ने ये फैसला लिया है कि वे चुनाव में आढ़ती व किसान विरोधी नीति का विरोध करते हुए भाजपा का बहिष्कार करेंगे। मंडी आढ़तियों ने प्रशासन से सीवन मंडी में उठान कार्य तेज करवाने की पुरजोर मांग की है।