कलायत। लोक निर्माण विभाग के नियमों को दर किनार कर ओवरलोड डंपरों का संचालन करने से सड़कें जवाब दे रही हैं। इससे लोनिवि को करीब 26 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। धरातल पर समीक्षा के बाद लोक निर्माण विभाग ने इसकी रिपोर्ट तैयार कर एनएचएआई को प्रेषित की है। साथ ही हवाला दिया है कि संबंधित विभाग के माध्यम से ही एक्सप्रेस हाई-वे का निर्माण हो रहा है, जिसमें मिट्टी ढुलाई में डंपरों का व्यापक स्तर पर इस्तेमाल हो रहा है।
कलायत-बालू-कसान, कलायत से धनौरी-दाता सिंह, कलायत सांघण वाया लांबा खेड़ी, कुराड़, दुब्बल, हरिपुरा, कलायत से सजूमा, बात्ता व चौशाला, एनएच 65 से मटौर, खरक, चौशाला, कमालपुर, किठाना, बालू-बढ़सीकरी, बात्ता-कैलरम, खरक, रामगढ़, रत्नपुरा, रामगढ़ पांडवा, बढ़सीकरी, चौशाला, जुलानी खेड़ा, बालू से तारागढ़, कौलेखां, ढूढवा से कुराड़ और लोक निर्माण विभाग की दूसरी सड़कें बुरी तरह से टूटी हैं। कनिष्ठ अभियंता संजीव कुमार ने बताया कि एसडीओ के निर्देश पर सड़कों के नुकसान का पूरा विवरण खर्च सहित एनएचएआई को भेजा गया है। 26 करोड़ की राशि को लेकर एनएचएआई के परियोजना निदेशक कार्यालय से पत्राचार जारी है। क्षेत्र में ओवरलोड डंपरों की वजह से जहां लोक निर्माण विभाग को सड़कें टूटने से 26 करोड़ का नुकसान हुआ है। वहीं, बदहाल सड़कों के कायाकल्प की निरंतर मांग उठ रही है। जन सुविधा के लिए लोक सभा चुनाव आचार संहिता हटने के उपरांत लोक निर्माण विभाग लगभग छह करोड़ के बजट से नई सड़क बनाने की तैयारी में है।