संवाद न्यूज़ एजेंसी
कैथल। जागरूकता अभियान के तहत शुक्रवार को साइबर क्राइम थाना प्रभारी पीएसआई शुभ्राशु, एएसआई विनोद कुमार व एचसी कृष्ण कुमार की टीम ने जिला न्यायिक परिसर में स्टाफ को जागरूक किया। इस दौरान जानकारी दी गई कि यदि किसी के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो तुरंत 1930 नंबर पर शिकायत करनी चाहिए। इससे आपकी ठगी की रकम को जालसाज के ट्रांसफर करने से पहले फ्रीज कर दिया जाता है।
इस दौरान पीएसआई शुभ्राशु ने सभी को बताया कि आज साइबर अपराध चरम पर है, आए दिन नए-नए तरीकों से लोगों को ठगा जा रहा है। इन्हें रोकने के लिए जागरूक होने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि सभी को समझना होगा कि साइबर अपराध करने वाले लोग बड़े ही चालाक किस्म के हैं जिनसे सभी को बचना होगा। वैसे जिला में साइबर क्राइम थाना, साइबर सेल और साइबर हेल्प डेस्क गठित है, जो लगातार इस दिशा में काम रही है। इसके लिए बड़े सोशल प्लेटफॉर्म को सावधानी और सतर्कता के साथ प्रयोग करना जरूरी है। उससे बचने के लिए स्वयं जागरूक होकर दूसरों को भी जागरूक करना होगा।
इस दौरान उन्होंने साइबर क्राइम संबंधित संचार साथी पोर्टल व टेफको पोर्टल के बारे में भी बताया, जिसमें अपना फोन नंबर इंटर करके यह पता लगाया जा सकता है कि एक आदमी के नाम से कितने सिम जारी हुई। यदि कोई सिम आपने जारी नहीं करवाई है तो आप उसको उक्त पोर्टल पर रिपोर्ट करके बंद करवा सकते हैं।
इस दौरान साइबर विशेषज्ञ ने आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम ऑनलाइन वित्तीय ठगी से बचाव, फेसबुक हैकिंग, बारकोड के माध्यम से होने वाले फ्रॉड, व्हाट्सएप हैकिंग से बचाव, फर्जी वेबसाइट से होने वाले फ्रॉड के संबंध में सावधानियां बरतने की सलाह दी।
इसके अलावा सोशल मीडिया साइटों फेसबुक, इंस्ट्राग्राम, व्हाट्सएप आदि सोशल साइट्स से हनी ट्रैप के संबंध में सभी को जागरूक रहने के लिए कहा गया। सिम कार्ड के माध्यम से, एटीएम कार्ड बदलकर, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड के माध्यम से, बायोमैट्रिक, क्यूआर कोड स्कैन, सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्ति से दोस्ती, फर्जी कॉल, अनजान व्हाट्सएप वीडियो कॉल, ऑनलाइन लोन देने वाले एप, सोशल मीडिया पर रुपयों की मांग करने वालों से, गूगल से कस्टमर केयर नंबर सर्च करने के बारे में, यूपीआई संबंधी फ्राड के प्रति एवं साइबर ठगी होने पर साइबर राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 बारे भी जागरूक किया गया।