गांव प्यौदा की 4 एकड़ खाली जमीन पर बना अस्थाई स्टेडियम
- फोटो : गंध कुटी पर पारंपरिक तरीके से दर्शन-पूजन के लिए मौजूद कंबोडिया के अनुयायी।
कसान। कैथल जिले के गांव प्यौदा के युवाओं को एक बेहतर और स्थायी स्टेडियम की सख्त आवश्यकता है। गांव में खेलों के लिए कोई पक्का मैदान या स्टेडियम नहीं होने के कारण युवा वर्ग खुद के जुगाड़ से अस्थायी मैदान तैयार कर खेल गतिविधियां जारी रखे हुए है।
हालांकि युवाओं का यह प्रयास सराहनीय है, लेकिन सुविधाओं के अभाव में उनकी प्रतिभा निखर नहीं पा रही। गांव के युवा परमिंद्र का कहना है कि खेल न केवल शारीरिक और मानसिक विकास का माध्यम है, बल्कि नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने का सबसे प्रभावी तरीका भी है।
स्टेडियम और खेल सुविधाओं की कमी के चलते कई युवा खाली समय में गलत संगत और नशे की ओर बढ़ सकते हैं, जो आने वाले समय में गांव के लिए गंभीर समस्या बन सकता है। फिलहाल युवा अपने स्तर पर गांव की चार एकड़ खाली जमीन को समतल कर कबड्डी, क्रिकेट और दौड़ जैसी गतिविधियां करते हैं। बारिश के मौसम में यह अस्थायी मैदान खेलने लायक नहीं रहता, जिससे अभ्यास बाधित हो जाता है, साथ ही शौचालय, पीने के पानी, रनिंग ट्रैक और बैठने की कोई व्यवस्था नहीं है। युवाओं और ग्रामीणों का कहना है कि अगर गांव में एक पक्का स्टेडियम बन जाए तो न सिर्फ युवा नियमित रूप से खेलों से जुड़ेंगे, बल्कि जिला और राज्य स्तर पर भी गांव का नाम रोशन कर सकते हैं। इससे खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा और नशे से दूर एक स्वस्थ समाज का निर्माण होगा।
ग्रामीणों केसा राम ने पंचायत और जिला प्रशासन से मांग की है कि प्यौदा गांव में जल्द से जल्द खेल स्टेडियम का निर्माण करवाया जाए, ताकि गांव का युवा सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ सके। पूरे मामले को लेकर गांव की सरपंच रेखा देवी ने बताया कि उन्होंने लगभग एक साल पहले उस समय के पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली से गांव की चार एकड़ खाली जमीन पर स्टेडियम बनाने की मांग की थी, मगर अब तक उसको लेकर कुछ भी नहीं किया गया। हालांकि ग्राम पंचायत लगातार स्टेडियम की मांग को लेकर प्रयासरत है। ग्राम पंचायत जिला प्रशासन और खेल विभाग से एक स्थायी स्टेडियम की मांग कर रही है।