संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। वीरवार को बुलाई गई चीका नगरपालिका सदन की सालाना बजट बैठक में पार्षदों के नहीं पहुंचने के कारण इसे रद्द कर दिया गया। साथ ही नाराज चल रहे 24 से अधिक पार्षदों ने पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर के निवास पर अलग से बैठक कर नगरपालिका अध्यक्ष की ओर से की जा रही उनकी अनदेखी से अवगत करवाया।
बैठक के दौरान पार्षदों ने कहा कि चीका शहर में विकास कार्य पूरी तरह से ठप पड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अध्यक्ष किसी भी विकास कार्य को लेकर पार्षदों के साथ चर्चा नहीं करतीं। अपनी मर्जी से ही काम लिखती है और उनके ऊपर अपनी मर्जी से पैसा खर्च करती है।
वार्ड दो के पार्षद दलबीर सीड़ा व वार्ड 16 के पार्षद तरसेम गोयल ने बताया कि अध्यक्ष रेखा रानी ने आठ महीनों में एक भी बैठक नहीं बुलाई। उन्होंने आरोप लगाया कि अध्यक्ष अपने आवास पर ही कार्यवाही कर बैठक की औपचारिकता पूरी कर लेती हैं। उन्होंने कहा कि नगरपालिका में विकास के काम पार्षदों के कहने पर ना होकर ठेकेदारों के कहने पर होते है। जिसके चलते चीका नगरपालिका ठेकेदारों की नगरपालिका बनकर रह गई है।
पार्षदों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अध्यक्ष बैठक बुलाने से पहले पिछले साल में विकास कार्यों के नाम पर खर्च किए गए करोड़ों रुपये का हिसाब दें तभी वे आगामी बैठक में भाग लेंगे।
बैठक में पार्षद काला पहलवान, हरीश बबू, दलबीर सीड़ा, विजय, पूनम, हरदीप, जितेंद्र, तरसेम गोयल, राजेश ठाकुर व वार्ड आठ से पार्षद रेखा भी मौजूद रही।
नैतिकता के आधार पर पद छोड़े अध्यक्ष ः पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर के साथ बैठक के दौरान पार्षद तरसेम गोयल व दलबीर सीड़ा ने कहा कि चीका नगरपालिका की अध्यक्ष रेखा रानी ने जजपा के चिह्न पर चुनाव जीता था, लेकिन गत विधानसभा चुनाव में टिकट की चाहत में अध्यक्ष रेखा रानी कांग्रेस में चली गई थी। ऐसे में रेखा रानी को नैतिकता के आधार अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना चाहिए।
पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर ने घोटाले पर चिंता
चीका के अलग-अलग वार्डों के दो दर्जन से अधिक पार्षद मेरे पास आए थे। इन पार्षर्दों ने शहर में ठप पड़े विकास कार्यों व नगरपालिका में विकास के नाम पर हो रहे घोटाले पर चिंता जाहिर की है।
बाजीगर ने कहा कि शहर का विकास करवाना नगरपालिका की जिम्मेवारी है। चेयरपर्सन द्वारा पार्षदों की अनदेखी करना उचित नहीं है। इस मामले में जल्द ही सभी पार्षदों की मुख्यमंत्री के साथ बैठक करवा मार्ग दर्शन लिया जाएगा। नाराज पार्षदों की मांग पर इस संबंध में कानूनी सलाह
भी ली जाएगी।
बैठक रद्द करने के संबंध में जब नगरपालिका अध्यक्ष रेखा रानी, उपाध्यक्ष न प्रतिनिधि राजीव शर्मा व नगरपालिका सचिव राजेश शर्मा से संपर्क करना चाहा तो बार बार फोन करने के बावजूद उन्होंने फोन नहीं उठाया।