heat lying in the open due to lack of lift, worries of farmers
- फोटो : Kaithal
अनाज मंडी में समस्याएं खत्म होने का नाम नहीं ले रहीं। पांच दिन से उठान के इंतजार में आढ़तियों व किसानों की मुसीबत उस समय बढ़ गई, जब बुधवार सांय हल्की बूंदाबांदी के साथ बारिश शुरू हो गई। इससे जहां तौल के बाद रखे गए कट्टे भीगना शुरू हो गए, वहीं खुले आसमान के नीचे पड़ा खुला गेहूं भी भीगना शुरू हो गया। किसानों को इसके खराब होने की चिंता सता रही है। उधर, अधिकारियों का कहना है कि करीब एक लाख कट्टों का उठान हो चुका है। बुधवार को लगभग 60 से 70 हजार कट्टों का उठान हुआ है।
विदित रहे कि इस सीजन की शुरूआत से ही उठान का काम काफी धीमा है। उठान के लिए मंगलवार को एक दिन के लिए खरीद भी बंद की गई थी। लेकिन इसका ज्यादा असर नजर नहीं आया। जिला आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान अश्वनी शोरेवाला ने कहा कि बुधवार को उठान तो हुआ है। लेकिन उतना उठान नहीं हुआ, जितना होना चाहिए। जिस कारण मंडी में लाखों कट्टे पड़े हुए हैं। अब बारिश शुरू हो गई। जिस कारण खुले में पड़े गेहूं से नुकसान होगा। पांच दिन से तेजी से उठान हो जाता तो बारिश में नुकसान न होता। इसके अलावा खरीद के संबंध में भी परेशानी आ रही है। जिस तरह से ऑनलाइन गेटपास में परेशानी है, उसे देखते हुए गेहूं खरीद में दिन भर परेशानी रही। अधिकारियों से बातचीत चल रही है। उम्मीद है कि इसका समाधान निकल आए।
उधर, अनाज मंडी में खुले में पड़े गेहूं के भीगने से किसानों की भी चिंता बढ़ गई है। किसान भी अपनी खुले में पड़ी गेहूं को तिरपाल आदि से ढकने में जुटे रहे। सांय के समय बूंदाबांदी जारी थी।
डीएफएससी प्रमोद कुमार ने कहा कि जिले में उठान कार्य में तेजी आई है। कैथल अनाज मंडियों से करीब 70 से 80 हजार कट़्टों का उठान बुधवार को हुआ है। जिले में बारदाने की कोई कमी नहीं है। कैथल मंडी में डीएफएससी विभाग की ओर से दस लाख कट्टों का बारदाना दिया जा चुका है।
heat lying in the open due to lack of lift, worries of farmers- फोटो : Kaithal