कैथल। जिले में डेंगू व चिकनगुनिया को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुरू किया गया डोर टू डोर सर्वे जारी है। इस सर्वे में डेंगू से मच्छर के लार्वा की बीमारी से बचाव की जानकारी दी जा रही है। लार्वा मिलने पर दवाई का छिड़काव कर नष्ट किया जा रहा है। वहीं, बुखार से पीड़ित लोगों के खून के सैंपल लिए जा रहे हैं। सैंपलों को जांच के लिए जिला नागरिक अस्पताल की लैब में भेजा जाता है। डेंगू की पुष्टि होने के बाद इलाज शुरू किया जाता है। अब तक जिले में डेंगू के 27 संक्रमित केस मिल चुके हैं।
बता दें कि स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने आठ हजार से अधिकर घरों व दुकानों में डेंगू के मच्छर की लार्वा की जांच की। इस दौरान अलग-अलग टीमों को 15 जगहों पर मच्छर का लार्वा मिला है। अब सभी संबंधित मालिकों को नोटिस दिया व साफ-सफाई को लेकर जागरूक किया गया। संदिग्ध मरीजों के सैंपल लेकर डेंगू जांच के लिए लैब में भेजे जा रहे हैं। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. नीरज मंगला ने बताया कि डेंगू व चिकनगुनिया से बचाव को लेकर टीमें घर घर जा रही है। विभाग की तरफ से आइसोलेशन वार्ड जिला नागरिक अस्पताल में बनाया गया है। मरीजों की पुष्टि होने पर इलाज निशुल्क किया जाता है। वहीं डेंगू की जांच को लेकर भी कोई पैसा नहीं लिया जाता। लोगों से अपील है कि डेंगू को लेकर जारी हिदायतों का पालन करें। अगर कोई लक्षण नजर आते हैं तो इसकी जांच करवाएं, ताकि समय रहते इलाज शुरू किया जा सके।