संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नारायण सेवा संस्थान की शाखा द्वारा दया गुप्ता मानव मंदिर के माध्यम से विद्यार्थियों को सक्षम, जागरूक और आत्मनिर्भर नागरिक बनाने के उद्देश्य से एक मोटिवेशनल एवं वैचारिक व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आरकेएसडी महाविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. नरेश गर्ग ने विद्यार्थियों को तनाव प्रबंधन विषय पर मार्गदर्शन प्रदान किया।
कार्यक्रम की शुरुआत नारायण सेवा संस्थान के केंद्र इंचार्ज पंकज शर्मा द्वारा मुख्य वक्ता डॉ. नरेश गर्ग के स्वागत से हुई। इस अवसर पर पंकज शर्मा ने विद्यार्थियों को नारायण सेवा संस्थान के इतिहास, कार्यप्रणाली और सेवा गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शाखा प्रमुख डॉ. विवेक गर्ग और शाखा संयोजक दुर्गा प्रसाद कुच्छल के नेतृत्व में संस्थान द्वारा दिव्यांगजनों के लिए कृत्रिम अंग निर्माण एवं वितरण, फिजियोथैरेपी केंद्र, कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र, सिलाई प्रशिक्षण केंद्र तथा मोबाइल रिपेयर प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन माध्यमों से स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार से जुड़े सेवा कार्य निरंतर किए जा रहे हैं।
अपने संबोधन में डॉ. नरेश गर्ग ने नारायण सेवा संस्थान के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए विद्यार्थियों से इन सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में तनाव से मुक्त रहना अत्यंत आवश्यक है।
डॉ. गर्ग ने श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोक का उदाहरण देते हुए कहा कि मनुष्य का अधिकार केवल कर्म करने पर है, परिणाम उसके हाथ में नहीं होता। यदि व्यक्ति अपने कर्म पर ध्यान केंद्रित करे और परिणाम की चिंता छोड़ दे, तो तनाव स्वतः ही कम हो जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से सकारात्मक सोच, आत्मअनुशासन और संतुलित जीवन अपनाने की अपील की।