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हाबड़ी : हॉकी का गांव, जिसने भारतीय खेल को दिए कई सितारे

Fri, 29 Aug 2025 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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45 कैथल। हाबड़ी ​स्थित हॉकी का अंतरराष्ट्रीय खेल स्टेडियम। कोच
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। खेल दिवस पर हाबड़ी गांव की कहानी। जिले का यह गांव हॉकी के लिए जाना जाता है। यहां की मिट्टी में ही हॉकी की परंपरा बसी हुई है। हरियाणा राज्य बनने के बाद, 1967 से हाबड़ी में हॉकी खेली जा रही है और गांव ने भारतीय हॉकी को चार अंतरराष्ट्रीय और कई राष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं।

गांव के युवा हॉकी के दम पर भारतीय आर्मी, पुलिस और रेलवे में सेवा दे रहे हैं। वहीं, चार खिलाड़ी हॉकी कोच बनकर खेल की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। हाबड़ी के खेल प्रेम और प्रतिभा के कारण ही यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर का हॉकी स्टेडियम तैयार किया गया, जिसमें एस्ट्रोटर्फ मैदान, कोचिंग सुविधा, रहने और खाने की सुविधा के साथ फ्लड लाइट भी मौजूद है।
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गांव में तैनात खेल विभाग के कोच गुरबाज सिंह, जो स्वयं हाबड़ी निवासी हैं, अंतरराष्ट्रीय अंपायर भी हैं। 2003 से 2009 तक वे इंटर यूनिवर्सिटी गोल्ड मेडलिस्ट रहे और 2014 से खेल विभाग में सेवाएं दे रहे हैं। गुरबाज सिंह ने बताया कि हाबड़ी के खिलाड़ी सुखविंदर का चयन वर्ष 2022 में भारतीय हॉकी टीम के 37 कोर ग्रुप में हुआ। सुखविंदर एक गरीब परिवार से आते हैं और अब तक कई मैच भारतीय टीम के लिए खेल चुके हैं।

हाबड़ी में हॉकी की परंपरा केवल खिलाड़ियों तक ही सीमित नहीं रही। यहां के खेल प्रेमियों और कोचों ने ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया है। गांव के युवा इस खेल में न केवल खुद को साबित कर रहे हैं, बल्कि भारतीय हॉकी को भी नई पहचान दिला रहे हैं।
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कोच गुरबाज सिंह के अनुसार, हॉकी का यह जुनून और प्रतिभा ही हाबड़ी गांव को ‘हॉकी का हब’ बनाने में प्रमुख भूमिका निभाती है। स्टेडियम और बेहतर सुविधाओं के निर्माण के बाद उम्मीद है कि हाबड़ी से और भी खिलाड़ी निकलेंगे।
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