कैथल, गुहला-चीका। गुहला-चीका विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी देवेंद्र हंस विधायक बने हैं। इस चुनाव में 2009 में शुरू की गई परंपरा काे गुहला-चीका की जनता ने वर्ष 2024 में भी दोहराया। जनता ने आजाद प्रत्याशी के तौर पर पहला चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार को जिताने का तीसरी बार इतिहास बनाया है।
गौरतलब है वर्ष 2009 के बाद से गुहला-चीका सीट पर वह प्रत्याशी ही जीता है, जिसने एक चुनाव निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर लड़ा है। इसमें वर्ष 2009 चुनाव लड़ने वाले कुलवंत बाजीगर वर्ष 2014 में जीते जबकि वर्ष 2014 में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर चुनाव लड़ने वाली डॉ. रेखा रानी के ससुर ईश्वर सिंह वर्ष 2019 में जजपा से जीते। अब इसी प्रकार से वर्ष 2019 में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर चुनाव लड़ने वाले देवेंद्र हंस ने इस चुनाव में जीत दर्ज की है।
देवेंद्र हंस ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा प्रत्याशी पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर को 22 हजार 880 मतों से हराने का काम किया है। देवेंद्र हंस को 64 हजार 611 मत मिले तो वहीं कुलवंत बाजीगर 41 हजार 731 मत लेने में ही कामयाब रहे।
नरेश ढांडे रहे तीसरे नंबर पर
गुहला से नौ प्रत्याशी मैदान में थे। इनमें नरेश ढांडे 12 हजार 437 मत हासिल कर तीसरे नंबर पर रहे। चौथे नंबर पर जजपा प्रत्याशी कृष्ण कुमार को 5768, पांचवें नंबर पर आम आदमी प्रत्याशी राकेश कुमार को 4540, छठे नंबर पर इनेलो प्रत्याशी पूनम रानी को 2409 मत मिले। निर्दलीय प्रत्याशी अमरजीत सिंह 1051, शिरोमणि अकाली दल प्रत्याशी भूपेंद्र सिंह 399 तथा मिशन एकता पार्टी के प्रत्याशी मनोज कुमार 228 मतों के साथ सबसे कम नंबर पर रहे। यहां की जनता ने 702 मत नोटा को दिए। संवाद
बाजीगर समाज का तोड़ा गढ़
गुहलाा। गुहला बाजीगर समाज का गढ़ रहा है। यहां से बाजीगर समाज के प्रत्याशी ही विधायक बने रहे हैं। बाजीगर समाज से दिल्लू राम बाजीगर सर्वाधिक बार विधायक बने तो वहीं एक बार कुलवंत सिंह विधायक बने। यह सीट बाजीगर समाज से जोड़कर देखी जाती थी लेकिन अब देवेंद्र हंस ने बाजीगर समाज के राजनीतिक गढ़ को जीतने का काम किया है। संवाद