कैथल। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले में फंड के अभाव में कोई पड़ोसियों के यहां शरण लिए हुए है। कोई भाई के घर में तो कोई बहन के घर में जैसे-तैसे गुजारा कर रहा है। किसी को पहली किस्त नहीं मिली, किसी को दूसरी तो किसी को तीसरी किस्त न मिलने के कारण वे नगर परिषद व जिले की नगर पालिकाओं के चक्कर काटने को मजबूर हैं। अमर उजाला ने इस संबंध में सोमवार को जमीनी हकीकत की पड़ताल की, जिसमें लोगों की मजबूरी साफ झलक रही है।
केस नंबर 1
देवीगढ़ रोड निवासी रजनी ने बताया कि उसका व उसकी बहन के घर योजना के तहत उपयुक्त पाए गए थे। करीब पांच माह पहले उन्होंने घर तोड़कर नए बनाने शुरू किए थे। उन्हें पहली किस्त तो मिल गई। लेकिन तीन माह से अधिक समय हो गया है, दूसरी किस्त नहीं मिल रही। उसने अपने घर के बाहर ही एक कमरे में गुजारे के लिए शरण ली है। वहीं उसकी बहन उनके भाई के घर में रहती है। बार-बार चक्कर काटने के बावजूद भी उन्हें यही कहा जाता है कि अभी फंड नहीं है। फंड मिलने पर ही दूसरी किश्त दी जाएगी। दोनों के घरों में लेंटर डाले जा चुके हैं। आगे का काम अधूरा पड़ा हुआ है। उनकी मांग है कि सरकार जल्द से जल्द फंड जारी करे, ताकि वे अपने अधूरे घर पूरे कर सकें।
केस नंबर 2
डोगरा गेट निवासी रिंकू ने बताया कि उसने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन किया था। इसी कारण करीब छह माह पहले उसने अपने मकान को तोड़ दिया था। नींव आदि भर ली है। लेकिन उसे योजना की पहली किश्त भी अभी तक नहीं मिली है। चार सदस्यों के उनके परिवार ने अपने भाई के घर में शरण ली हुई है। वहां भी केवल दो कमरे हैं। जिनमें वे दोनों परिवार रह रहे हैं। अब न जाने कब पहली किस्त मिलेगी और कब उसके घर का काम शुरू होगा। उसकी मांग है कि जल्द से जल्द योजना के तहत दी जाने वाली पहली किश्त दी जाए, ताकि वह मकान का निर्माण आगे बढ़ा सके। इस समय सर्दी का मौसम शुरू हो गया है, अब और भी समस्या बढ़ गई है।
जिला मुख्यालय व चीका में स्थिति कुछ ठीक, बाकी शहरों में बदहाली
योजना के तहत जिले में 3 हजार 447 लोगों को घर बनाने के लिए पत्र जारी किया गया था। जिसमें उन्हें कहा गया था कि वे नींव भरकर पहली 1 लाख रुपये की, लेंटर के बाद दूसरी 1 लाख व घर पूरा होने के बाद तीसरी किस्त ले लें। कैथल शहर में योजना के तहत अभी तक 12 करोड़ 11 लाख रुपये खर्च करते हुए हैं। जिसमें 529 परिवारों को पहली, 481 को दूसरी किस्त जारी की जा चुकी है। 302 परिवारों को तीसरी किस्त जारी की जा चुकी है। यहां कुल 925 परिवारों में से अभी 396 परिवार ऐसे हैं, जिन्हें पहली किस्त भी जारी नहीं की गई। गुहला में 683 चिह्नित परिवारों में से 457 को पहली, 432 को दूसरी व 308 को तीसरी किस्त जारी की जा चुकी है। यहां योजना के तहत कुछ हद तक अच्छा काम हुआ है और 10 करोड़ 83 लाख रुपये की राशि खर्च की जा चुकी है। इसके अलावा पूंडरी में 519 चिह्नित परिवारों में से 262 को पहली, 172 को दूसरी व 53 को तीसरी किस्त जारी की गई है। यहां अभी तक 4 करोड़ 61 लाख रुपये योजना के तहत खर्च हुए हैं। कलायत में योजना की स्थिति बेहाल है। यहां 580 परिवारों में से 284 को पहली व 141 को दूसरी किश्त जारी की गई है। यहां एक भी परिवार को तीसरी किस्त जारी नहीं की गई है। जिसका मतलब है कि एक भी परिवार को पूरे मकान का पैसा नहीं मिला है। कलायत में अभी तक 4 करोड़ 25 लाख रुपये योजना पर खर्च हुए हैं। राजौंद में योजना के तहत 740 चिह्नित परिवारों में से केवल 297 परिवारों को पहली व 75 परिवारों को दूसरी किश्त जारी की गई है। तीसरी किश्त अभी तक एक भी परिवार को नहीं दी गई। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोग किस हद तक अपने घर पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।
जिला को-ऑर्डिनेटर विशाल गुप्ता ने बताया कि योजना के तहत जो फंड आया था। उसे लोगों को जारी कर दिया। अब फंड की डिमांड भेजी गई है। उम्मीद है कि इसी माह फंड उपलब्ध हो जाएगा। जैसे ही फंड मिल जाता है, उसी अनुसार लोगों को उनकी जरूरत अनुसार पहली, दूसरी या तीसरी किश्त जारी कर दी जाएगी। कैथल व गुहला में योजना के तहत किया गया कार्य कई जिलों में सबसे आगे है।
Ground reality of Pradhan Mantri Awas Yojana: How to make the dream of housing come true, waiting for installment- फोटो : Kaithal