14-कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में प्रदर्शन के दौरान मौजूद पुलिस बल।
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कलायत। दुष्कर्म के बाद हत्या का शिकार हुई मासूम बच्ची का सोमवार को अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए माहौल तनावग्रस्त रहा। जिला अस्पताल में ग्रामीणों ने जाम लगाकर अपने गुस्से का इजहार कर जाम लगाया था। हालांकि आश्वासन के बाद वे मान गए। उधर, घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, वहीं बच्ची के दाह संस्कार के दौरान ग्रामीणों की भी आंखें नम हो गईं। दूसरी ओर ग्रामीणों ने कैंडल मार्च निकालकर भी रोष जताया। उधर, ग्रामीणों ने कैंडल मार्च भी निकाला।
बीते रोज दुष्कर्म और हत्या का खुलासा होने के बाद सोमवार की सुबह गांव में मुनादी कराई गई, ताकि अधिक से अधिक संख्या में ग्रामीण सिविल अस्पताल पहुंचे। इस दौरान गांव के स्टेडियम में जमा हुए सैकड़ों लोगों ने इस केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने और दोषी को फांसी की सजा दिए जाने की मांग की। राज्यमंत्री के आश्वासन के बाद गांव के लोग पोस्टमार्टम से शव को घर ले गए और फिर दोपहर बाद उसका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों के साथ पुलिस कर्मी भी मौजूद रहे। माहौल तनावग्रस्त होने से पुलिस का पहरा सख्त रहा।
दूसरी ओर सोमवार शाम को नाराज ग्रामीणों ने कैंडल मार्च भी निकाला। कई गांव के लोग इस मौन एवं कैंडल मार्च में शामिल हुए। युवाओं ने अपने हाथों में मोमबत्ती ली हुई थी। वे मृतक बच्ची की फोटो लेकर गांव की गलियों से गुजरे। सभी ने बच्ची की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। साथ ही आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की।
दुर्लभतम से दुर्लभतम की श्रेणी में आता है मामला-
जिला अदालत में कार्यरत अधिवक्ता कर्ण गौड़ का कहना है कि जो धाराएं इस मामले में पुलिस ने लगाई है। उनमें अधिकतम फांसी और कम से कम उम्रकैद की सजा हो सकती है। यह मामला दुर्लभतम से दुर्लभतम की श्रेणी में आता है।