संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका/सीवन/कैथल। किसानों के लिए सोमवार को बारिश राहत लेकर आई। खेतों में रुक-रुक कर हुई बारिश से गेहूं और सरसों की बंपर पैदावार होने की उम्मीद से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं।
कृषि विभाग ने बारिश को फसलों के लिए सोना बताया है। उनका कहना है कि बारिश के बाद एक सप्ताह तक तापमान सामान्य रहने से गेहूं की फसल में अच्छा फुटाव होने पर पिछले साल की अपेक्षा इस साल क्षेत्र में अच्छी पैदावार होगी और ठंड में पाला जमने पर भी गेहूं की फसल को कोई नुकसान नहीं होगा।
किसान काला, बंटी, रामनिवास, संदीप, मनोज का कहना है कि सर्दी का मौसम के शुरू होने के बाद से ही बारिश न होने से चिंता हो रही थी और सोमवार सुबह बारिश से जहां एक ओर फसलों को भारी फायदा होगा, वहीं गेहूं की फसल में एक पानी कम देने से किसानों को आर्थिक लाभ होगा। किसान का कहना है कि बरसात को गेहूं व सरसों के लिए फायदेमंद बताते हुए कहा कि दो-तीन वर्षों से किसान फसलों पर कुदरत की मार से आर्थिक बोझ तले दबते जा रहे थे।
रिमझिम बारिश के बाद किसानों के चेहरे पर खुशी है। दरअसल, खेत में खड़ी फसल को इस समय बारिश का इंतजार ही था। जितनी बारिश खेत को चाहिए, उतना ही पानी गिरा है। चीका शहर के अलावा अनेक क्षेत्रों में रिमझिम बारिश से फसलों को जीवनदान मिलने की उम्मीद बंध गई है। गुहला चीका क्षेत्र में किसान इन दिनों फसलों खासकर गेहूं की फसल में पानी लगा रहे थे तथा इस पर दोहरा खर्च हो रहा था। किसान नहरी पानी सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में न मिलने के कारण ट्यूबवैल का सहारा ले रहे थे। ट्यूबवेल के पानी से सिंचाई करने के कारण भूमि में उर्वरा शक्ति कमजोर होने के साथ ही खर्च भी बढ़ रहा है वहीं फसलों के लिए भी नुकसानदायक साबित हो रहा है।
बारिश के कारण फसलों को दोहरा फायदा होगा। फसलों में पानी की पूर्ति तो हो गई, साथ में फसल के ऊपरी हिस्से में पानी जाने के कारण फसल रोग मुक्त हो जाएगी। गेहूं के साथ अन्य फसलों को फायदा होगा। बाद में दिनभर चली ठंडी हवाओं ने परेशानी बढ़ा दी।
सीवन के किसान राजेश रहेजा, जसपाल सिंह, जरनैल सिंह, कुलदीप सिंह, सुरेन्द्र सरदाना, नवदीप सिंह, अंतरजीत सिंह, सतीश सरदाना व अन्य ने बताया कि क्षेत्र में जो हल्की बरसात हुई है उससे गेहूं, सरसों व सब्जी की फसलों को लाभ है। मटर, आलू, सरसों व गेहूं की फसल पर इस हल्की बारिश का कोई असर नहीं है।
चीका में तापमान में कमी आने के साथ ही सर्दी बढ़ गई है। अब अगले कुछ दिन तक न्यूनतम तापमान में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। जनवरी तक गुहला-चीका क्षेत्र में पारा गिरता ही जाएगा। मौसम विभाग ने भी दिसम्बर के अंतिम सप्ताह से सर्दी में बढ़ोतरी की चेतावनी दी थी।