संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। पिछले करीब छह साल से अधर में लटके हुए निर्माणाधीन प्रदेश के पहले महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य पर सरकार की नजर है। विवि परिसर में निर्माण की स्थिति जानने के लिए बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देशों पर भाजपा नेताओं ने दौरा किया। इनमें वरिष्ठ भाजपा नेता रविभूषण गर्ग और श्याम सुंदर बंसल शामिल रहे।
दौरे के दौरान महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमेश चंद्र भारद्वाज सहित निर्माण कर रही एजेंसी के ठेकेदार सहित विवि का तकनीकी स्टाफ भी मौजूद था। इस मौके पर कुलपति प्रो. रमेश चंद्र भारद्वाज ने जानकारी दी कि विवि की निर्माण कार्य की प्रक्रिया के तहत अभी तक 100 करोड़ रुपये की राशि आई है। इसमें से 43 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई है। अन्य 57 करोड़ रुपये की राशि अभी खर्च की जा रही है।
उन्होंने बताया कि अभी 181 करोड़ रुपये की विवि परिसर के निर्माण कार्यों के लिए अभी जरूरत है। इसके साथ ही रास्ते, सीवरेज, बिजली और पानी की व्यवस्था के लिए भी अलग से टेंडर लगाने की आवश्यकता है।
इस पर भाजपा नेता रविभूषण गर्ग ने कहा कि सरकार ने कैथल को प्रदेश के पहले संस्कृत विवि के निर्माण की सौगात दी है। इस सौगात के तहत विवि भवन के निर्माण में किसी भी प्रकार से बजट की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। इसको लेकर वे सीएम कार्यालय में अपनी रिपोर्ट बनाकर देंगे। इस रिपोर्ट में अधिक से अधिक बजट देने की मांग की जाएगी। वहीं, श्याम सुंदर बंसल ने कहा कि सरकार का शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अधिक फोकस है। ऐसे में अब अगले सवा साल से पहले ही इस विवि का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।
कुलपति प्रो. रमेश चंद्र भारद्वाज ने बताया कि 2023 अप्रैल में कार्यभार संभाला था। उस समय तक भवन निर्माण का मास्टर प्लान तक तैयार नहीं था। इसके बाद उन्होंने इसे तैयार कराया था।
इसके बाद सितंबर महीने की शुरूआत में विवि में भवन निर्माण की प्रक्रिया के तहत निविदा सूचना जारी की गई थी। अभी शैक्षणिक ब्लॉक का निर्माण कार्य प्रगति पर है। अगले 10 दिन के भीतर होस्टल के भवन निर्माण के लिए निविदा सूचना जारी कर दी जाएगी। इसके अलावा सरकार से 181 करोड़ रुपये के बजट की मांग की गई है। उम्मीद है कि सरकार की ओर से यह बजट भी जल्द ही जारी किया जाएगा। बताया कि अभी करीब एक महीने पहले ही सरकार ने चार एकड़ जमीन और दी है। अब इस विवि का मुख्य द्वारा सड़क के किनारे आ जाएगा।
वर्ष 2023 की अप्रैल में अपना कार्यभार संभाला था। उस समय तक विवि के भवन निर्माण को लेकर मास्टर प्लान तक तैयार नहीं था। इसके बाद उन्होंने मास्टर प्लान तैयार किया था। -प्रो. रमेश चंद्र भारद्वाज, कुलपति
वर्ष 2015 में हुई घोषणा, 2019 में शुरू हुई कक्षाएं
गौरतलब है कि गांव मूंदड़ी में महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय के निर्माण की घोषणा पूर्व सीएम मनोहर लाल ने वर्ष 2015 में कैथल में रैली के दौरान की थी। 2016 में विवि बनाने के लिए अलॉट की गई 20.7 एकड़ जमीन कम पड़ रही थी। इसके बाद सरकार ने चार एकड़ जमीन और दी है। वहीं, विवि में 2019 में शैक्षणिक सत्र की शुरुआत की गई थी। अभी ये कक्षाएं टीक स्थित एक किराए के भवन में चल रही हैं जबकि विवि का प्रशासनिक कार्यालय राजकीय महाविद्यालय कैथल में स्थित है।