गुहला-चीका। गुहला के राजकीय कन्या कॉलेज में प्राध्यापक की ओर से व्हाट्सएप ग्रुप में अश्लील वीडियो लिंक डालने के मामले में गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को आरोपी की जमानत हो गई। दूसरी ओर अदालत में छात्राओं के 164 के तहत बयान दर्ज किए गए। इस संबंध में कॉलेज प्रिंसिपल रामनिवास यादव का तर्क है कि अभी तक तो प्राध्यापक आरोपी है। जब तक वह दोषी साबित नहीं हो जाता, तब तक कॉलेज आरोपी प्राध्यापक को बाहर नहीं कर सकता।
छात्राओं ने दिए बयानों में बताया कि आरोपी प्राध्यापक यह कहकर छात्राओं के निजी व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल हुआ था कि वह पढ़ाई संबंधी जानकारी इसी ग्रुप में दिया करेगा। इसके अलावा बच्चों को दिशा निर्देश देने के लिए आधिकारिक रूप से भी अलग से व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। इसके बावजूद छात्राओं के कथन अनुसार उक्त प्राध्यापक जितेंद्र कुमार ने निजी ग्रुप में आधी रात के वक्त एक पॉर्न वीडियो का लिंक शेयर कर दिया। अगले दिन जब कुछ छात्राओं ने विरोध जताया तो उसने इसे डिलीट कर दिया, हालांकि उससे पहले बहुत सारी छात्राएं इसका स्क्रीनशॉट ले चुकी थीं। कॉलेज की आंतरिक शिकायत कमेटी की जांच में भी ये तमाम तथ्य साबित हो चुके हैं। जांच कमेटी भी प्रारंभिक रूप में आरोपी प्राध्यापक को दोषी बता चुकी है।
उपरोक्त मामले पर टिप्पणी के लिए कॉलेज के प्रिंसिपल रामनिवास यादव से बात की गई तो उन्होंने बताया कि हमने जो कार्रवाई हो सकती थी, कर दी है। कहा कि उन्होंने उच्चतर शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों को इसकी जानकारी दे दी। इस संबंध में उच्चतर शिक्षा विभाग के निदेशक राजीव रत्न का कहना है कि आचरण का दोषी पाए जाने पर कच्चे कर्मचारी या प्राध्यापक को नौकरी से बर्खास्त करने के लिए प्रिंसिपल खुद सक्षम होता है।
दूसरी ओर आरोपी जितेंद्र कुमार को शुक्रवार को गुहला अदालत ने जमानत दे दी। आरोपी के वकील ने अदालत के सामने उसके सेहत संबंधी दिक्कतों का हवाला देकर जमानत की अर्जी दाखिल की थी। अदालत ने आज शिकायतकर्ता छात्राओं को बुलाकर सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बंद कमरे में उनके बयान दर्ज किए हैं।