संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका/कैथल। हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते नदियां और नाले उफान पर हैं। इसी बीच गुहला-चीका क्षेत्र से गुजरने वाली घग्गर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। वीरवार की शाम लगभग सात बजे नदी का जलस्तर 23.2 फीट पर पहुंच गया, जबकि खतरे का निशान 23 फीट है। जलस्तर बढ़ने के कारण कल तक लगभग 46,342 क्यूसेक बहाव दर्ज किया गया था, जो अब बढ़कर लगभग 48,854 क्यूसेक तक पहुँच चुका है।
घग्गर नदी का जल स्तर बढ़ने से हरियाणा-पंजाब सीमा पर स्थित गांव सिहाली, रत्ता खेड़ा, मंझेड़ी, मैंगड़ा, भूसला, बुड़नपुर और मोहनपुर के पास खेतों में पानी फैल गया है। इसके चलते लगभग 2000 एकड़ धान की
फसल पानी में डूब गई है। साथ ही पशुओं का चारा और सब्जियां बर्बादी के कगार पर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कल के मुकाबले आज पानी खेतों में लगभग दो फीट बढ़ गया है। कई ट्यूबवेल भी पानी की चपेट में आ गए हैं। ग्रामीण और प्रशासन मिलकर बांधों को मजबूत करने के लिए मिट्टी डालने का काम कर रहे हैं। रात में ग्रामीण ठीकरी पहरा देकर स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन यदि आने वाले दिनों में बारिश जारी रही और जल स्तर बढ़ा, तो खतरा कहीं भी पैदा हो सकता है। ग्रामीण सूबा सिंह, बलजीत सिंह, लाड़ी, सेवा, जोगा, टीटू, बचतर सिंह, कृपाल सिंह ने बताया कि बुधवार के मुकाबले वीरवार को पानी खेतों में दो फीट बढ़ा है जिसके चलते करीब 2000 एकड़ फसल पानी में डूब गई वहीं कई ट्यूबवेल भी इसकी चपेट में आ गये। उन्होंने बताया कि ग्रामीण और प्रशासन बांधो को मजबूत करने के लिए मिट्टी डालने का काम कर रहे हैं।
56 गुहला-चीका। सिहाली गांव में तीन बजे के करीब खेतों में धान की फसल में आया पानी। संवाद