गुहला-चीका। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से शुक्रवार को खरौदी गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में समुदाय आधारित गतिविधि आयोजित की गई। इस दौरान गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म करवाई गई और उन्हें स्वास्थ्य व पोषण संबंधी जानकारी दी गई।
सुपरवाइजर दीप्ति ने बताया कि गर्भधारण के तुरंत बाद महिलाओं को आंगनबाड़ी केंद्र में पंजीकरण करवाना चाहिए और वहां से पौष्टिक आहार नियमित रूप से लेना चाहिए। गर्भावस्था के दौरान चार प्रसव पूर्व जांच करवाना जरूरी है, जिसमें खून की कमी, बीपी, वजन और सूजन जैसी समस्याओं की जांच होती है।
उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाएं आयरन-फोलिक एसिड की गोलियां और टेटनस के दो टीके अवश्य लें। दिन में पौष्टिक आहार कम से कम पांच बार लें और पर्याप्त आराम करें। प्रसव अस्पताल में ही करवाना चाहिए तथा जन्म के तुरंत बाद शिशु को मां का पहला गाढ़ा दूध जरूर पिलाना चाहिए।
दीप्ति ने बताया कि जन्म से लेकर दो वर्ष तक का समय बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए सबसे अहम होता है। छह माह बाद बच्चे को दूध व दूध से बने पदार्थ, दालें, हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, रोटी, चावल आदि पौष्टिक आहार देना चाहिए। साथ ही बच्चों को बिस्किट, चिप्स, मिठाई और नमकीन जैसी चीजों से बचाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि एनीमिया की रोकथाम के लिए आयरन से युक्त सब्जियां व खट्टे फल बच्चे के भोजन में शामिल करें। इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, महिला पंच मनप्रीत और गांव की सैकड़ों महिलाएं मौजूद रहीं।