संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। बढ़सीकरी खुर्द गांव में ग्रामीण पशु पालक कमेटी के तीन दिवसीय प्रदेश स्तरीय मुर्राह नस्ल भैंसों के दूध उत्पादन मुकाबले में 28.73 किलो दूध देने वाली गंगा भैंस ने प्रथम स्थान हासिल किया है। प्रतियोगिता में हरियाणा और पंजाब की कुल 14 मुर्राह नस्ल की भैंसों ने हिस्सा लिया था।
आयोजक कमेटी के सदस्य अमित रामदिया, सुमित, सुल्तान और जीता ने बताया कि मेला मैदान में लगातार तीन दिन तक पशुओं को दूध उत्पादन का परीक्षण देना पड़ा। तीसरे दिन परिणाम घोषित किए गए। दूध प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार विजेता गंगा भैंस के मालिक बिल्लू बड़सीकरी ने बताया कि गंगा की तरह भैंस दूध की धारा बहाती है, इसलिए नाम गंगा रखा। यह 14वीं बार प्रथम स्थान प्राप्त कर चुकी है।
द्वितीय स्थान 26 किलो 860 ग्राम दूध देने वाली जमना भैंस ने प्राप्त किया। भैंस के मालिक गुरमीत अलीपुरा ने बताया कि वे पूर्णतः नेत्रहीन दिव्यांग हैं और जमना उनके लिए बेहद खास है। तीसरा स्थान 25 किलो 766 ग्राम दूध देने वाली लाड़ी भैंस ने जीता। भैंस के मालिक रामदिया ने बताया कि लाड़ी का नाम उन्होंने प्रेम से रखा है। भैंस ने पहली बार प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर तीसरा स्थान हासिल किया है।
प्रतियोगिता में शामिल भैंसों के मालिकों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। काला बड़सीकरी और आयोजक कमेटी ने बताया कि मेला पशु पालन को बढ़ावा देने और ग्रामीण पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित किया गया।
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प्रथम इनाम: स्पलेंडर मोटरसाइकिल, द्वितीय इनाम: बैटरी वाली स्कूटी, तृतीय इनाम: 21 हजार रुपये नकद
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प्रतियोगिता के पहले दिन सभी भैंसों का दूध पूर्णत: खाली कराया गया। दूसरे दिन दूध उत्पादन का भार मापा गया और तीसरे दिन अंतिम माप के आधार पर मुकाबला हुआ।
3केएलटी9: अपने इनामों के साथ पहला, दूसरा व तीसरा स्थान हासिल करने वाले पशुपालक