संवाद न्यूज एजेंसीकैथल। शहर की सब्जी मंडी में फल-सब्जी विक्रेता को पपीते की फोटो और सस्ते रेट का झांसा देकर एक लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोपी ने फल की सप्लाई के नाम पर विक्रेता से रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए, लेकिन इसके बाद न तो पपीते की खेप भेजी और न ही रुपये वापस किए। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
शिकायत में गांव सर्वोदय नगर निवासी मनीष ने बताया कि वह वर्ष 2018 से सब्जी मंडी कैथल में सब्जी बेचने का काम करता है। उसका आईसीआईसीआई बैंक में खाता है। उसने बताया कि नौ नवंबर 2025 को उसके व्हाट्सएप पर एक व्यक्ति की ओर से फलों, जिसमें पपीते की फोटो थी, भेजी गई थी।
उसने उस समय इसे अनदेखा कर दिया। इसके बाद 12 नवंबर को दोबारा उसी मोबाइल नंबर से पपीते की फोटो भेजी गई। इसके बाद 11 जून और दो अगस्त 2026 को भी उसी नंबर से पपीते की फोटो भेजी गई।
मनीष ने बताया कि उसने मैसेज के माध्यम से पपीते का रेट पूछा तो सामने वाले व्यक्ति ने 22 रुपये प्रति किलोग्राम रेट बताया। इसके बाद दोबारा रेट पूछने पर उसने 23.50 रुपये प्रति किलोग्राम बताया। इसके बाद उसने उस अज्ञात व्यक्ति का मोबाइल नंबर 7698985233 अपने जीजा राकेश निवासी आकाश नगर, प्लाट नंबर 55, जनार्दन रोड, कुरुक्षेत्र को भेज दिया। शिकायत के अनुसार, उसके जीजा राकेश ने उक्त मोबाइल नंबर पर बात कर पपीते का रेट पूछा। मनीष के कहने पर उसके जीजा ने फल मंगवाने के लिए सहमति दे दी। इसके बाद उसके जीजा राकेश ने 17.5 टन पपीते की एक गाड़ी 22.50 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से कैथल और कुरुक्षेत्र भेजने के लिए उस व्यक्ति से कहा।
इसके बाद अज्ञात व्यक्ति ने जीजा राकेश को एक बैंक खाता नंबर भेजा। मनीष ने बताया कि उसने उक्त खाते में एक लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में भी आरोपी ने पपीते की कोई खेप नहीं भेजी और न ही उसके रुपये वापस किए। नौ अगस्त को उसने आरोपी को कई बार फोन किया, लेकिन उसकी ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। साइबर थाना प्रभारी रवि कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।