कैथल। हनुमान वाटिका में लगे ट्रेड फेयर में घूमने गए चार दोस्तों पर एक ग्रुप के युवकों ने हाथापाई करते हुए चाकुओं से हमला कर उन्हें घायल कर दिया। आरोपियों ने एक के बाद एक लगातार उन पर कई वार किए। घायल अवस्था में तीन युवकों को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया है। पुलिस ने घायल युवक की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
बलराज नगर निवासी सन्नी ने सिविल लाइन थाना में शिकायत दी कि 27 मई को वह अपनी माता मीरा रानी व बहन शिवानी के साथ हनुमान वाटिका कैथल में लगे ट्रेड फेयर में घूमने गया था। रात करीब साढ़े आठ बजे उसे जनकपुरी कॉलोनी निवासी अंकुश भी अपनी बहन व अपने 4/5 दोस्तों के साथ मेले में मिला। अंकुश ने उसे कहा कि अगर सलामती चाहता है तो नौ बजे से पहले मेले से बाहर चला जाए। उसकी माता मीरा रानी ने भी अंकुश से पूछा कि बेटा तुम्हारी हमारी क्या दुश्मनी है, तुम हमें इस तरह मेले से बाहर निकलने की धमकी क्यों दे रहे हो। इस पर अंकुश व उसके दोस्त धमकी देते हुए मेले में आगे निकल गए।
सन्नी ने बताया कि अंकुश की बातों को अनसुना करके वह मेले में घूमने लगा और अपने दोस्त हर्ष को भी मेले में बुला लिया। उन्हें अपने दोस्त गुरमीत व अमन भी मेले में मिल गए। वे चारों मेले में सैर करते हुए व दुकानों में लगे सजावट के सामान को देख रहे थे।
करीब साढ़े नौ बजे अंकुश अपने 4/5 दोस्तों के साथ वहां आया और उन्हें अपशब्द कहते हुए हाथापाई करने लगा। जैसे ही उसके दोस्त हर्ष, गुरमीत व अमन ने उसे छुड़वाने की कोशिश की तो अंकुश व उसके 4/5 दोस्तों ने पहले उनको थप्पड़-मुक्कों से मारा।
इस बीच अंकुश ने अपनी पैंट की जेब से चाकू निकलाकर उसकी छाती पर वार कर दिया और उसे घायल कर दिया। आरोपी अंकुश ने हर्ष पर भी चाकू से वार किए, जिससे हर्ष भी
लहूलुहान हो गया। वे सभी पर चाकू से वार कर रहा था। वे बड़ी मुश्किल से उनसे छुड़वाकर मेले से गेट की
तरफ भागे।
भागते समय आरोपियों ने उन्हें दोबारा मिलने पर जान से मारने की धमकी दी। उन्हें इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे, गुरमीत व हर्ष को पहले कल्पना चावला अस्पताल करनाल रेफर किया गया। बाद में वहां से 28 मई को उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। जांच अधिकारी जगबीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।