फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaithal News: चार दशक पुरानी पेयजल लाइनों से घरों तक पहुंच रहा गंदा पानी

Thu, 08 Jan 2026 02:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
विज्ञापन
प्यौदा रोड के निकट मीटर से पानी का टीडीएस चेक करते शहर वासी
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कैथल। शहर की कई कॉलोनियों में 40-45 साल से अधिक पुरानी पेयजल लाइनें बिछी हुई हैं। पुरानी और क्षतिग्रस्त पाइपलाइन के कारण घरों तक गंदा, मटमैला और पीने योग्य न रहने वाला पानी पहुंच रहा है। लगातार दूषित पानी का सेवन लोगों को विभिन्न बीमारियों की चपेट में ला रहा है।

इस समस्या से प्रभावित कॉलोनियों में भगत सिंह कॉलोनी, रसौला बस्ती, सूरजकुंड मंदिर, मलिक नगर, सुभाष नगर, वैष्णो कॉलोनी शामिल हैं। जन स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, शहर के लगभग 10 स्थानों का पानी पीने योग्य नहीं है। इनमें प्रतापगेट, महादेव कॉलोनी, राधा स्वामी कॉलोनी, अनाजमंडी, शक्ति नगर, अर्जुन नगर, फ्रांसवाला रोड, अंधा तालाब आदि शामिल हैं।
विज्ञापन




विशेषज्ञों के अनुसार, इन इलाकों में पानी में टीडीएस (टोटल डिसॉल्व्ड साल्वैंट्स) का स्तर 1370 मिलीग्राम प्रति लीटर तक पाया गया है, जबकि सामान्य पीने योग्य पानी में यह 500 मिलीग्राम से कम होना चाहिए। शहर और आसपास के गांवों में टीडीएस का स्तर इस सीमा से कई गुना अधिक है।



पानी पीने योग्य नहीं



शहर में रोजाना लगभग 53 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति होती है, जो 47 ट्यूबवेलों से सुनिश्चित की जाती है। लेकिन पुराने और क्षतिग्रस्त पाइपलाइन नेटवर्क के कारण यह पानी घरों तक पहुंचते-पहुंचते मटमैला और दूषित हो जाता है।



अलग-अलग कॉलोनियों में 40 वर्ष से अधिक पुरानी पाइपलाइन बिछी हुई है। इनके कारण घरों में नलों से आने वाला पानी पीने योग्य नहीं रह गया है। विभिन्न निवासियों ने बताया कि पानी का रंग मटमैला आता है और कई बार इसे उबालकर ही उपयोग करना पड़ता है।
विज्ञापन



ये कहते लोग

सूर्यकुंड मंदिर के आसपास पानी की सप्लाई पर जांच जरूरी है। यहां का टीडीएस भी ज्यादा है और दूषित पानी से बीमारियां फैल रही हैं। -सतपाल गुप्ता, माता गेट



पानी कभी ठीक आता है, कभी उसका रंग अजीब होता है। विभाग को इस समस्या पर ध्यान देना चाहिए। -राजवीर, बालाजी कॉलोनी



मेरे ऑफिस में पानी पीने योग्य नहीं है। कॉलोनी में सप्लाई ठीक है, लेकिन पानी की जांच होनी चाहिए। -अनिल, सुभाष मार्केट




विभाग स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह गंभीर है। जहां भी लाइन लीकेज की समस्या आती है, उसे तुरंत दूर किया जाता है। इसके अलावा, नगर परिषद और ग्राम पंचायत के माध्यम से भी शिकायतें मिलती हैं और बिना देरी किए उनका समाधान किया जाता है। शहर में कुल लगभग 80 किलोमीटर पानी की पाइपलाइन बिछाई गई है, जिससे घरों में पानी की सप्लाई हो रही है। किसी भी समस्या की सूचना मिलने पर विभाग उसे तत्काल दूर करता है। -गोपाल, एसडीओ-जन स्वास्थ्य विभाग
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें