संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। गांव उमेदपुर की पूर्व सरपंच नरेंद्र कौर को बड़ा झटका देते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. अमित कुमार गर्ग की अदालत ने उनके चुनाव को रद्द करने के निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा है। जिला जज ने आठवीं पास का वैध प्रमाण न देने पर अपील खारिज कर दी।
अदालत ने स्पष्ट किया कि नरेंद्र कौर सरपंच पद के लिए निर्धारित अनिवार्य न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता (8वीं पास) पूरी नहीं करती थीं, इसलिए वे इस पद के लिए अयोग्य हैं।
मामला गांव उमेदपुर निवासी कमीर सिंह और जसप्रीत कौर द्वारा दायर याचिका से शुरू हुआ था। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि नरेंद्र कौर ने चुनाव के दौरान अपनी शैक्षणिक योग्यता संबंधी गलत जानकारी दी। इस पर सुनवाई करते हुए चुनाव न्यायाधिकरण, गुहला ने 27 नवंबर 2025 को उनका चुनाव रद्द कर दिया था।
इस निर्णय के विरुद्ध नरेंद्र कौर ने जिला अदालत में अपील दायर की थी। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पाया कि अपीलकर्ता के पास 8वीं कक्षा उत्तीर्ण करने का कोई वैध प्रमाण-पत्र नहीं था, जो हरियाणा पंचायती राज अधिनियम के तहत सरपंच पद के लिए अनिवार्य है।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि ट्रायल कोर्ट का निर्णय तथ्य एवं कानून के अनुरूप है और उसमें हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। अपील खारिज करते हुए अदालत ने संबंधित अधिकारियों को रिकॉर्ड वापस भेजने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि 27 नवंबर 2025 को गुहला अदालत ने नरेंद्र कौर को पद से हटाते हुए तीन माह के भीतर कैथल उपायुक्त एवं जिला चुनाव अधिकारी को पुनः सरपंच पद का चुनाव कराने के आदेश दिए थे।