संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला चीका। गांव चक्कू लदाना में राजकीय कॉलेज का काम जारी है। सिख समाज चाहता है कि निर्माणाधीन इस राजकीय कॉलेज का नाम हिंद की चादर श्री गुरु तेग बहादुर के नाम रखा जाए। पूर्व विधायक ईश्वर सिंह ने इस मामले में मुख्यमंत्री से दखलअंदाजी की मांग की है।
गौरतलब है कि 32 करोड़ 35 लाख रुपये की लागत से बनने वाले इस कॉलेज के लिए ग्राम पंचायत ने लगभग नौ एकड़ भूमि फ्री में प्रदान की थी। जून 2023 में सरकार से निर्माण के लिए अप्रूवल भी मिल गया था, लेकिन ढाई साल बीत जाने के बावजूद केवल चहारदीवारी तैयार हुई है। भवन के प्रथम तल की दीवारें तो खड़ी की जा चुकी हैं, लेकिन लेंटर डालने का काम अभी बाकी है। कॉलेज निर्माण में देरी के कारण चक्कू लदाना और आसपास के एक दर्जन से अधिक गांवों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए 25 किलोमीटर दूर कैथल या चीका जाना पड़ रहा है। निर्माण में तेजी लाने के लिए पूर्व विधायक ईश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि बेटियों को अब घर के पास उच्च शिक्षा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन देरी से उनका सपना अधूरा रह गया है।
हिंद की चादर श्री गुरु तेग बहादुर के नाम पर हो कॉलेज का नाम : सज्जन सिंह
शनिवार को कंबोज सभा के सदस्य, स्टेट प्रधान सज्जन सिंह की अगुवाई में पूर्व विधायक ईश्वर सिंह से मिले और आग्रह किया कि वे सरकार से मांग करें कि चक्कू लदाना कॉलेज का नाम श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर रखा जाए। सज्जन सिंह ने कहा कि इससे आने वाली पीढ़ियों को गुरु के बलिदान और संघर्षपूर्ण जीवन की यादें ताजा रहेंगी, और गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी वर्ष हमेशा यादगार बनेगा। पूर्व विधायक ईश्वर सिंह ने सभा के सदस्यों की मांग का समर्थन किया और भरोसा दिलाया कि वे मुख्यमंत्री को लिखे जाने वाले पत्र में कॉलेज का नाम नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर के नाम पर रखने की मांग जरूर करेंगे।
कॉलेज समर्पित करें नौवें गुरु को : गज्जन सिंह
पूर्व विधायक ईश्वर सिंह से मिलकर कंबोज सभा के सदस्य और गोबिंदपुरा के पूर्व सरपंच गज्जन सिंह व बलदेव बल्ली ने कहा कि यदि नौ एकड़ में बन रहे कॉलेज का नाम श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर रखा जाता है, तो यह एक सुखद संयोग होगा, जिसे सदियों तक याद रखा जाएगा। इस अवसर पर मा. सुरेंद्र सिंह थिंद, बलदेव सिंह, गज्जन सिंह, होशियार सिंह, बरजिंद्र सिंह सौथा, प्रीतम सिंह, चरणजीत सिंह, हरजिंद्र सिंह और गुरचरण सिंह भी मौजूद रहे।