मायापुरी कॉलोनी में अन्न उत्सव के दौरान खराब गेहूं भेजने के जिम्मेवार फूड इंस्पेक्टर को विभाग ने सस्पेंड कर दिया है। साथ ही जिस डिपो पर खराब गेहूं पहुंचा था, उसे भी सील कर दिया गया है। मौके पर सीएम फ्लाइंग भी पहुंचीं थीं, लेकिन गेहूं ठीक पाए जाने पर सैंपल नहीं लिया गया। विभाग का कहना है कि डिपो धारक ने देरी से खराब गेहूं की सूचना दी, इसीलिए उसका डिपो सील किया गया है।
गत 17 व 18 अगस्त को खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा अन्न उत्सव मनाया गया था। जिसमें मायापुरी कॉलोनी में खराब गेहूं की सूचना मिलने गेहूं को बदल दिया गया था। अब बुधवार को सात दिन बाद डिपो पर विभाग की टीम अधिकारी विक्रमदत्त की अगुवाई में पहुंची। जहां डिपो को सील कर दिया गया। साथ में सीएम फ्लाइंग टीम भी थी। लेकिन गेहूं की गुणवत्ता ठीक पाए जाने पर टीम ने सैंपल नहीं लिया। सीएम फ्लाइंग के डीएसपी रविंद्र कुमार ने बताया कि वे खराब गेहूं के सैंपल लेने आए थे, लेकिन अब गेहूं सही पाया गया है, जिस कारण उन्होंने सैंपलिंग नहीं की।
वहीं, डिपो धारक सुरेंद्र ने बताया कि उसने खुद अधिकारियों को बताया दिया था कि इस बार सप्लाई खराब अनाज की आई है। हालांकि उसे बदल भी दिया गया था, लेकिन उसे अधिकारियों ने यह तक नहीं बताया कि डिपो सील क्यों किया जा रहा है? शायद यह भी कारण हो सकता है कि उसने लोगों के विरोध को देखते हुए खराब अनाज आने की सूचना अधिकारियों को दी।
इस संबंध में डीएफएससी प्रमोद कुमार ने कहा कि खराब गेहूं 15 अगस्त को पहुंचा था। 17 अगस्त तक डिपो धारक द्वारा सूचना नहीं दी गई। इसके बाद सूचना आई थी तो इस डिपो का गेहूं बदल दिया गया था। डिपो धारक को समय पर ही सूचना देनी चाहिए थी। इसी कारण डिपो सील किया गया है। साथ ही ऐसा गेहूं भेजने के लिए जिम्मेवार फूड इंस्पेक्टर दीपक को भी सस्पेंड कर दिया गया है।