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मंडियों में ना के बराबर खरीद, किसान परेशान

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food center - फोटो : Kaithal
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अनाज मंडियों में धान की सरकारी खरीद करवाने के लिए किसानों को जद्दोजहद करनी पड़ रही है। मंडियों में हावी अव्यवस्था किसानों पर भारी पड़ रही है। चौथे दिन भी कई मंडियों में न के बराबर खरीद हुई है। जिस कारण जिले की मंडियों में परेशान किसान कहीं तालाबंदी तो कहीं प्रदर्शन करते दिखे। उनकी एक ही मांग है कि दावों के अनुसार दाना-दाना कब खरीदोगे सरकार। अधिकारियों ने बुधवार को पूरे जिले से करीब 6150 क्विंटल धान के खरीद का दावा किया है। कैथल नई अनाज मंडी में सुबह किसानों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा, जब नमी मापक यंत्र ने एक ढेरी जिसकी नमी मंगलवार को 17 प्रतिशत बताई थी, उसी धान की नमी बुधवार को 21 प्रतिशत बता दी। इसके बाद किसान खरीद के लिए आए कर्मचारी को धकेलते हुए मार्केट कमेटी कार्यालय तक लाए और जमकर रोष प्रकट किया। यहां मार्केट कमेटी सचिव दीपक कुमार ने कहा कि उनका काम खरीद की तैयारियां करना है। यहां आढ़ती व मिलर खरीद के लिए तैयार नहीं हैं। सीधा खरीद एजेंसी कर सकती हैं। लेकिन नमी की परेशानी है। उधर, 15 प्रतिशत नमी वाली धान की खरीद पर भी कर्मचारी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। देर सांय तक किसान इंतजार में बैठे रहे। इसके बाद वेयरहाउस के कर्मचारियों ने कुछेक ढेरियों को रजिस्टर में नोट करते हुए खरीदने की बात कही। लेकिन आढ़तियों ने मजदूर व कंडे आदि देने से इंकार कर दिया। पुरानी अनाज मंडी में 4 दिन में एक भी अधिकारी खरीद के लिए नहीं पहुंचा। प्रधान श्याम बहादुर खुरानिया ने कहा कि उनकी मांग है कि क्या सरकार इस मंडी को मंडी नहीं मानती। यहां किसानों व मजदूरों को परेशानी हो रही है। लेकिन कोई सुनवाई करने वाला नहीं है। डीएफएससी प्रमोद शर्मा ने कहा कि बुधवार को खरीद शुरू कर दी गई है। गुहला में 1150 क्विंटल, कलायत में 2000 क्विंटल व कैथल मंडी में 3000 क्विंटल धान की खरीद की गई।
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अनाज मंडी पूंडरी में किसानों व आढ़तियों के हंगामे और मार्केट कमेटी के सचिव अभिनव वालिया के हस्तक्षेप के बाद हैफेड ने धान की खरीद पहले दिन शुरू की। सुबह से ही बोली को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। बोली ना होते देख भाकियू के युवा प्रदेशाध्यक्ष विक्रम सिंह कसाना पूंडरी पहुंचे और किसान भवन में उन्होंने किसानों के साथ प्रदर्शन व नारेबाजी कर हैफेड कार्यालय पर पहुंचे। जहां पर हैफेड के मनेजर व अन्य अधिकारी नहीं मिले। जिसके बाद भाकियू कार्यकर्ताओं ने मार्केट सचिव का मौके पर बुलाया और हैफेड के मैनेजर से फोन पर संपर्क साधा गया तो उन्होंने अपने फोन स्विच आफ किया हुआ था। जिसके बाद किसान रोष स्वरूप कार्यालय का ताला लगाकर उसके सामने ही बैठकर सरकार व विभाग के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। जब एक घंटे तक भी खरीद अधिकारी नहीं आया तो किसानों भाकियू युवा प्रदेशाध्यक्ष के नेतृत्व में दोनों मंडियों में जुलूस की शक्ल में प्रदर्शन किया और किसानों के साथ गुरु ब्रह्मानंद चौंक मुख्य मार्ग कैथल-करनाल रोड पर जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी मुकेश कुमार मौके पर पहुंचे। थाना प्रभारी द्वारा मार्केट सचिव अभिनव वालिया को मौके पर बुलाया गया और उन्होंने किसानों का अवगत करवाया कि हैफेड का मैनेजर मंडी में पहुंच चुका है और उसने बोली शुरू कर दी है। लगभग आधे घंटे के बाद सभी किसान मंडी में गये और बोली शुरू होने के बाद शांत हुए।
हैफेड मैनेजर संदीप ने कहा कि मंडी में धान खरीद करने के लिए अभी तक विभाग द्वारा मिलिंग करने के लिए शैलर अॅलाट नहीं किए गए हैं। धान खरीद करने के बाद वे उसे कहां भेजे, ये भी अभी तक उन्हें पता नहीं है। इसके बावजूद भी किसानों को परेशानी ना हो धान की खरीद शुरू कर दी गई है।
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सीवन मंडी में धान की आवक आरंभ हो गई है परंतु अभी तक धान बिका नहीं है। किसान मंडी में धान की ढेरियां लगा कर बैठे और खरीददार का इंतजार कर रहे हैं। आढ़ती भूषण लाल मिड्ढा, कृष्ण गर्ग ने बताया की धान की आवक तो आरंभ हो गई है परंतु अभी तक कोई भी ढेरी बिकी नहीं है। बृजपाल राणा, जरनैल सिंह धंजू, गुरनाम सिंह चक्कू, शीशन सैनी, बलविन्द्र सिंह गरेटा, बलविन्द्र सिंह प्रभावत, कुलदीप सिंह, बलविन्द्र सिंह उम्मेदपुर, सोनी सिंह उम्मेदपुर, इंद्रजीत मदान व अन्य किसानों व आढ़तियों की मांग है कि धान की खरीद को जल्द से जल्द आरंभ किया जाए और इसे सुचारु रूप से जारी रखा जाए। मंडी प्रधान रामपाल बंसल ने बताया कि धान तो मंडी में आ चुका है परंतु अभी धान में नमी की मात्रा अधिक है। इस कारण से धान नहीं बिका है।
पिछले तीन दिनों से राजौंद अनाज मंडी में धान की खरीद न होने से किसानों ने रोष प्रकट किया है। किसान मुख्त्यार सिंह मंडवाल, ओमप्रकाश राजौंद, नवदीप, प्रवीण बांगड ने बताया कि वह सरकार व प्रशासन के निर्देश अनुसार फसल का रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं, लेकिन उन्हें धान की फसल को अनाज मंडी में लेकर आने का कोई व्हाट्सएप या संदेश प्राप्त नहीं हो रहा है। उनके खेत में धान की फसल पककर तैयार खड़ी है। ऐसे में यदि फसल की कटाई समय पर नहीं हुई तो धान की फसल को नुकसान होगा। किसान प्रवीन राणा बीरबागडा ने बताया कि वह सरकार व प्रशासन के निर्देशानुसार गेट पास लेकर पिछले दो दिन से अनाज मंडी राजौंद में आया हुआ है। लेकिन उसकी धान की फसल नही खरीदी गई। मार्केट कमेटी सचिव चरणदास ने बताया कि 170 क्विंटल धान की फसल मंडी में आई हुई है। लेकिन खरीद एजेंसियों द्वारा न तो कल खरीद की गई और न ही आज खरीद की गई है।
पाई अनाज मंडी में बुधवार को भी किसानों की धान की सरकारी बोली नही हुई, जिससे किसानों में सरकार के प्रति नाराजगी है। पाई की अनाज मंडी में इस समय सैकड़ों किसान अपनी धान की फसल को लेकर आये हुये है। मंडी में धान की खरीद कल शुरू होने की सम्भावना बन गई है। मार्केट कमेटी सचिव गुलाब सिंह नैन ने बताया कि कल से पाई में धान की सरकारी खरीद हर हाल में शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि मंडी में एफसीआई के द्वारा किसानों की धान की खरीद शुरू करनी है और मंडी के आढ़तियों व खरीद एजेंसी के अधिकारियों के बीच खरीद की सहमति बन गई है। उधर मंडी प्रधान राजेश ढुल तथा पूर्व प्रधान रणधीर सिंह ढुल ने बताया कि अधिकारियों ने वीरवार से खरीद शुरू करवाने का आश्वासन दिया है।
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