ढांड मेन बाजार में बिजली के शॉर्ट सर्किट से एक किरयाना की दुकान में आग लगने से दुकान में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया है। अमर किरयाना स्टोर के मालिक दीपक पुत्र अमर ने बताया कि हर रोज की तरह अपनी दुकान को देर रात बंद करके घर चले गए।
सुबह लगभग 4 बजे उन्हें सूचना मिली की उनकी दुकान से धुआं निकल रहा है। मौके पर आकर देखा तो दुकान में आग लगी हुई थी और सामान धू-धू कर जल रहा था। आग लगने की सूचना ढांड पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही ढांड पुलिस मौके पर पहुंची और फायर ब्रिगेड को सूचित किया। कैथल से फायर ब्रिगेड की 2 गाड़ी आग पर काबू पाने के लिए घटनास्थल पर पहुंची और आग बुझाने के काम में लग गई। आग इतनी भयंकर थी कि देखते ही देखते आग दुकान की तीसरी मंजिल तक पहुंच गई।
दुकान से निकल रहे धुएं के कारण आग बुझाने के कार्य में लगे फायर कर्मियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। फायर ब्रिगेड की मौके पर पहुंची 2 गाड़ियां आग बुझाने में कामयाब नही हुई तो पेहवा से 2 और गाड़ियों को बुलाना पड़ा। दुकान मालिक दीपक ने बताया कि आग लगने से दुकान में रखा लगभग 50 लाख रुपये का सामान व 30 लाख रुपये की दुकान की बिल्डिंग का नुकसान हुआ है।
दुकान मालिक ने जिला प्रशासन से दुकान में हुए नुकसान की भरपाई के लिए आर्थिक सहायता देने की गुहार लगाई है ताकि फिर से अपनी दुकान को आबाद कर सके।
दीवार तोड़ कर पाया आग पर काबू
जब फायर कर्मी दुकान में आग बुझा रहे थे तो पहली मंजिल से सामान जलता हुआ दुकान में नीचे गिर रहा था। जिससे आग पर काबू नही पाया जा रहा था। फायर कर्मियों ने दुकान की पहली मंजिल पर जाकर दिवार तोड़ी और आग बुझाने में जुटे रहे। 6 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह 10 बजे आग पर काबू पाया गया।
हो सकता था ओर भी नुकसान
मौके पर मौजूद सहायता के लिए पहुंचे पड़ोसी दुकानदार मा. सुभाष, रिंकू, नरेश, विजय वीर गांगल, विकासा जांगड़ा, संजीव कवात्रा, बबलू कवात्रा, शीशपाल ने बताया कि समय रहते अगर आग लगने की सूचना नही मिल पाती तो मार्किट में आसपास की दुकानों में आग लगने से ओर भी काफी नुकसान हो सकता था। आग के भयंकर रूप को देखते हुए पास की दुकान को खाली करवाना पड़ा।
आसपास के दुकानदारों को जैसे ही आग लगने की सूचना मिली तो सहायता के लिए घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े और आग बुझाने में जुट गए। शाह सतनाम ग्रीन एस वेलफेयर क्रास सिरसा की टीम के सदस्यों ने भी आग बुझाने के कार्य में मौके पर पहुंचकर सहायता की।