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पीएचसी बंद करने की सूचना पर भड़के लोग

Thu, 17 Dec 2015 11:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/कैथ्ाल
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शक्ति नगर स्थित पीएचसी को बंद किए जाने की सूचना मिलते ही आसपास की कालोनियों के लोग भड़क उठे। लोगों ने एकत्रित होकर कैथल-सजूमा मार्ग पर जाम लगा दिया। करीब दो घंटे तक लगे जाम के कारण लोगों को काफी परेशानी हुई। बाद में डिप्टी सिविल सर्जन ने आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
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मिली जानकारी के अनुसार वीरवार सुबह शक्ति नगर स्थित अर्बन पीएचसी को बंद करने की सूचना शक्ति नगर सहित यहां की कालोनियों के लोगों को मिल गई। लोग एकत्रित होकर पीएचसी पहुंचे।

जहां उन्हें यहां से सारे स्टॉफ के तबादले की सूचना मिली। तबादले की सूचना मिलते ही लोगों को विश्वास हो गया कि इसे बंद किया जा रहा है। जिस कारण लोगों ने एकत्रित होकर पीएचसी के निकट ही कैथल-सजूमा मार्ग पर जाम लगा दिया। करीब दो घंटे तक लोगों ने जाम लगाकर प्रदर्शन किया।
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बाद में डिप्टी सीएमओ डा. देवेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। उन्होंने कहा कि केवल स्टॉफ की बदली की गई है। इसे बंद नहीं किय जाएगा।

तीन साल पहले खुली थी पीएचसी
शक्ति नगर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा तीन साल पूर्व अर्बन पीएचसी खोली गई थी। जिसमें इस समय 6 लोगों का स्टॉफ है। इसमें एक एमबीबीएस डॉक्टर, एक फार्मासिस्ट, एक एलटी, दो एएनएम, एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। यहां एक दिन में करीब 150 ओपीडी आती हैं।

10 हजार की जनसंख्या को मिल रहा है लाभ
इस पीएचसी से दर्जन भर कालोनियों के लोगों को इस पीएचसी से लाभ मिल रहा है। सामान्य बीमारियों के लिए उन्हें सेक्टर 18 में स्थित जिला अस्पताल में नहीं जाना पड़ता। करीब 10 हजार की जनसंख्या को इससे लाभ मिल रहा है। कालोनी निवासी राजपाल, छज्जु सैनी, सलामुदीन, राजकुमार, भगवाना, राजकुमार, नाथा देवी ने कहा कि पीएचसी को बंद करना यहां के लोगों के साथ अन्याय है। उनकी मांग है कि इसे बंद न किया जाए।

इस पीएचसी को बंद न किया जाए। यहां लोगों को काफी लाभ मिल रहा हे। वे भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मिले हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि प्रयास किया जाएगा कि इस पीएचसी को चलाया जाए।
जोगेंद्र सैनी, पार्षद।

पीएचसी को बंद करने का फैसला नहीं है। यहां डॉक्टर ना होने के कारण फार्मासिस्ट व एलटी का तबादला किया है। यहां सप्ताह में कुछ दिन डॉक्टर की ड्यूटी लगाई जाएगी। पीएचसी के लिए किराया नहीं आ रहा है। कुछ व्यवस्था की जाएगी।
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डा. वंदना भाटिया, सिविल सर्जन, कैथल।
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