संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला चीका। चीका में पेस्टिसाइड फर्म का फर्जी लाइसेंस बनाने के मामले में 13 साल बाद पुलिस ने तीन लोगों मुख्य आरोपी हरपाल सिंह, सीए संदीप खर्ब व एएसआई प्रमोद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
शिकायतकर्ता पीडल निवासी गाढ़ सिंह ने बताया कि उनकी चीका अनाज मंडी में गौरव पेस्टीसाइड्स एंड सीड्स के नाम से फर्म थी। हरपाल सिंह का दुकान पर आना-जाना था। आरोप है कि भरोसे का फायदा उठाकर हरपाल सिंह ने फर्म का लाइसेंस चोरी कर लिया और उसी नाम से फर्जी लाइसेंस बनवा खुद को प्रोपराइटर दर्शा दिया।
गाढ़ सिंह के अनुसार, आरोपी ने जाली लेटरपैड और मोहर तैयार कर ओबीसी (पीएनबी) बैंक, चीका में खाता खुलवाया और फर्म के नाम पर आढ़ती कश्मीरी लाल एंड संस को 32 लाख का चेक जारी किया। मामले का खुलासा तब हुआ जब उन्हें अदालत से गवाही के लिए समन मिला।
शिकायत में यह भी आरोप है कि फर्जी लाइसेंस व दस्तावेज तैयार करने में कैथल के एक सीए संदीप खर्ब ने सहयोग किया, जबकि उस समय जांच कर रहे एएसआई प्रमोद ने बयान दर्ज किए बिना ही मामला दबा दिया था। अब चीका पुलिस ने हरपाल सिंह, सीए संदीप खर्ब और एएसआई प्रमोद के खिलाफ धोखाधड़ी के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
थाना प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि हरपाल सिंह और दो अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।