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Kaithal News: शिशु को छह माह तक सिर्फ मां का दूध पिलाएं

Wed, 06 Aug 2025 12:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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कार्यक्रम में भाग लेती हुई महिलाएं व आशा वर्कर - फोटो : अर्चना को नियुक्ति पत्र देतीं महिला पुलिस अधिकारी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
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ढांड/राजौंद। आंगनबाड़ी केंद्र, ढांड में विश्व स्तनपान सप्ताह (1 से 7 अगस्त) के अंतर्गत एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उधर, राजौंद के कसान गांव में भी कार्यक्रम हुआ।

ढांड में कार्यक्रम की अध्यक्षता पर्यवेक्षक (सुपरवाइज़र) श्रीमती शीतल द्वारा की गई। कार्यक्रम में समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, गर्भवती महिलाएं एवं स्तनपान कराने वाली माताएं उपस्थित रहीं। पर्यवेक्षक शीतल ने उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्तनपान, शिशु तथा माता – दोनों के स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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उन्होंने कहा कि शिशु को जन्म से प्रथम छह माह तक केवल माँ का दूध ही दिया जाना चाहिए, क्योंकि यह पूर्ण पोषक आहार है, जिसमें शिशु के विकास हेतु आवश्यक सभी पोषक तत्व विद्यमान होते हैं। उन्होंने कहा कि स्तनपान से शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है, पाचन क्रिया सुचारु रहती है तथा संक्रमण व अन्य बीमारियों से सुरक्षा मिलती है। यह शिशु को मोटापा, एलर्जी एवं मधुमेह जैसे रोगों से भी बचाता है।

पर्यवेक्षक ने बताया कि स्तनपान केवल शिशु के लिए ही नहीं, माँ के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। इससे गर्भावस्था के दौरान बढ़े हुए भार को नियंत्रित किया जा सकता है और स्तन कैंसर, डिम्बग्रंथि (ओवरी) के कैंसर तथा टाइप-2 मधुमेह जैसे रोगों का खतरा भी कम होता है।

उधर, राजौंद के कसान गांव में हुए कार्यक्रम के दौरान सुपरवाइजर सावित्री देवी ने बताया कि जिले में स्वास्थ्य विभाग और एकीकृत बाल विकास सेवा की संयुक्त पहल पर विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इनका उद्देश्य महिलाओं को स्तनपान के महत्व के प्रति जागरूक करना है।
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पिंकी ने बताया कि गांव में रैली निकालकर समुदाय को संदेश दिया गया कि स्तनपान नवजात की सेहत के लिए अत्यंत आवश्यक है।

मां का दूध शिशु के लिए सर्वोत्तम आहार

सीवन। कक्योर माजरा गांव में विश्व स्तनपान सप्ताह पर हुए जागरूकता कार्यक्रम की अध्यक्षता सुपरवाइजर अंजलि ने की। उन्होंने कहा कि जन्म से छह माह तक शिशु को केवल मां का दूध ही देना चाहिए, क्योंकि यह शिशु के लिए सर्वोत्तम और पूर्ण आहार है। मां का दूध शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, मानसिक विकास को मजबूत करता है और उसे विभिन्न संक्रमणों से प्राकृतिक रूप से सुरक्षा प्रदान करता है। इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नीलम, कश्मीर कौर, राधा, सीमा, पूनम, नंदिनी और सपना आदि मौजूद रहीं। संवाद
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