संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर के जवाहर पार्क में बनी विद्क्यार झील में गंदगी का आलम है। इस कारण यहां पर सैर करने वाले लोगों में बीमारियां फैलने का भय है। इस झील में सफाई के लिए नगर परिषद की ओर से 20 लाख रुपये की राशि खर्च की जाती है। बावजूद इसके सुधार नहीं हुआ।
नगर परिषद ने कुछ समय पहले ही सफाई करवाई थी। इसके कुछ समय बाद ही झील में फिर से गंदगी फैली है। गौरतलब है कि पवित्र तीर्थ के रूप में चिह्नित बिद्क्यार झील 16 मंदिरों से घिरा हुआ है।
शहर के बीचों-बीच स्थित विदक्यार तीर्थ की झील का पानी सड़ चुका है। हर तरफ गंदगी पसरी है। पौराणिक महत्व रखने वाली इस झील में पॉलिथीन और गंदगी तैरते हुए नजर आती है। झील के बीचों-बीच भगवान शिव की प्रतिमा है। यह भी झील में तैरती गंदगी से घिर चुकी है। उस पर नगर परिषद के अधिकारियों ने अचंभा किया है कि पानी गंदा कैसे हो गया। सफाई तो नियमित रूप से होती है, जबकि झील की हालत देख कर कोई भी बता देगा कि महीनों से यहां किसी ने सुध नहीं ली।
सुबह और शाम के समय सैकड़ों की संख्या में लोग यहां सैर करने के लिए पहुंचते हैं। हनुमान मंदिर हो बाबा शाह कमाल की दरगाह। दोनों तरफ तो झील के पानी में गंदगी ही गंदगी दिखाई देती है। पानी सड़ने से बीमारियां फैल रही है। वहीं यहां अवैध रूप से कचरा प्वाइंट बनाया हुआ है। पुल के पास फलों की रेहड़ी लगाने वाले व अन्य आसपास के दुकानदार यहां गंदगी डालते हैं।
कई-कई दिनों तक यहां गंदगी के ढेर लगे रहते हैं। नगर परिषद का कार्यालय यहां से कुछ ही दूरी पर है। यहां से नप अधिकारियों का भी आना-जाना लगा रहता है, इसके बावजूद झील के आसपास फैली गंदगी व गंदा हो चुका पानी किसी को नजर नहीं आ रहा है। विदक्यार झील में बोटिग भी बंद पड़ी हुई है।
ऐसा नहीं है कि विद्क्यार झील में सफाई नहीं करवाई जाती। झील में नियमित रूप से सफाई करवाई जाती है। इसके लिए एक एजेंसी को सफाई के लिए 20 लाख रुपये का टेंडर भी जारी किया गया है। यदि किसी प्रकार की कोई कमी है तो उसे जल्द दूर करवाया जाएगा। - कुलदीप मलिक, ईओ, कैथल।