कलायत। विकसित कृषि संकल्प अभियान के अंतर्गत कृषि विभाग के वैज्ञानिकों ने किसानों को कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के उद्देश्य से नवीन बीजों और आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्रदान की गई। यह जानकारी खंड के बात्ता, कैलरम, दुमाडा, कौलेखां व खेड़ी लांबा गांवों में आयोजित किसान गोष्ठियों के माध्यम से दी गई।
अभियान के तहत कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्यपालन आदि क्षेत्रों से जुड़े नवीन शोधों एवं तकनीकों की विस्तृत जानकारी किसानों को दी गई।
उपकृषि निदेशक डॉ. बाबू लाल एवं उपमंडल कृषि अधिकारी डॉ. सतीश कुमार नारा ने बताया कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा के नेतृत्व में चलाया गया यह अभियान किसानों तक प्रयोगशालाओं में हो रहे शोध कार्यों को सीधे खेतों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। संवाद
उन्होंने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से किसानों को वे सभी नई जानकारियां उपलब्ध करवाई जा रही हैं, जो खेती एवं उससे जुड़े व्यवसायों को नवाचार की दिशा में आगे ले जाएंगी। इस अवसर पर एनडीआरआई, भारतीय गेहूं एवं जौं अनुसंधान संस्थान, तथा केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान, करनाल के वैज्ञानिकों ने भी कई जानकारियां दी।
कार्यक्रम में कृषि विभाग कलायत एवं कृषि विज्ञान केंद्र कैथल के अधिकारी, विभिन्न गांवों के सरपंच, प्रगतिशील किसान जैसे जॉनी राणा, ईश्वर सिंह, ओमप्रकाश, फकीरचंद, बलवान, बीरबल, मोनू राणा, महिपाल राणा के साथ सैकड़ों किसानों ने हिस्सा लिया।