संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। शहर में पुरानी सात पुरानी काॅलोनियों को जल्द ही वैध घोषित किया जाएगा। इससे शहर मेंं विकास की रफ्तार बढ़ेगी और नगर पालिका की आय में भारी वृद्धि होगी। इनमें कुलवंत नगर पार्ट-1 व 2, सूरजा नगर पार्ट तीन, श्री कपिल मुनि राजकीय महिला काॅलेज के पीछे का आवासीय क्षेत्र और रेलवे स्टेशन का इलाका शामिल है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ओर से शहरी विकास को गति देने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। इसके तहत धरातल पर पारदर्शिता से सर्वे करते हुए शहरी क्षेत्रों में कालोनियों को वैध घोषित करते हुए बुनियादी सुविधाओं को सृदृढ़ किया जाना है।
चार दशक से कलायत को नगर पालिका का दर्जा हासिल है। शहर में अवैध कॉलोनियों की समस्या गंभीर है। सरकार ने प्रभावी कदम उठाते हुए पिछली नगर पालिका कार्यकारिणी में चार काॅलोनियों को वैध घोषित किया गया था।
उस समय जो अन्य सात कॉलोनियों को वैध करने की सिफारिश की गई थी कि उनमेंं कुछ औपचारिकताएं शेष थी। लोकसभा, विधानसभा और निकाय चुनाव के बाद पालिका अधिकारियों ने वैध घोषित होने की राह तक रही काॅलोनियों को तोहफा देने का कार्य करीब-करीब पूरा कर दिया है।
लंबे समय से अवैध घोषित कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को अब जल्द ही राहत मिलने वाली है। कलायत नगर पालिका क्षेत्र मेंं कुलवंत नगर पार्ट-1 व 2, सूरजा नगर पार्ट तीन, श्री कपिल मुनि राजकीय महिला काॅलेज के पीछे का आवासीय क्षेत्र और रेलवे स्टेशन का इलाके लोगों को जल्द राहत मिलेगी।
इन कॉलोनियों से जुड़ी कार्यवाही को ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए वर्क सुपरवाइजर अमित राणा शीर्ष अधिकारियों की रहनुमाई में टीम के साथ पूरा कर रहे हैं। जबकि अन्य कॉलोनियों को वैध घोषित किया जा सकता है उनकी संभावनओंं को भी तलाशा जा रहा है। इससे न केवल स्थानीय लोगों को मालिकाना हक मिलेगा बल्कि इन क्षेत्रों में विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।
नगरपालिका अभियंता राजेश प्रजापति और कनिष्ठ अभियंता संजीव धीमान ने बताया कि वैधता की प्रक्रिया के लिए प्रभावी ढंग से कार्य जारी है। उन्होंने बताया कि संबंधित विभागों से अनापत्ति प्रमाणपत्र लिए जा रहे हैं। जिन कॉलोनियों को वैधता मिलेगी उनमें जल आपूर्ति, सड़क निर्माण, ड्रेनेज सिस्टम और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं का विकास तेजी से शुरू किया जाएगा।