कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विधायकों के निवास पर कृषि कानूनों की प्रतियां जलाई। शनिवार को किसान दो गुटों में बंट गए। सर्वजात सर्वखाप के जिला प्रधान भरत सिंह बेनीवाल की अध्यक्षता में भारी संख्या में किसानों ने पहले लघु सचिवालय में धरना दिया। दूसरे गुट ने होशियार सिंह गिल की अगुवाई में अंबाला रोड पर पीडब्ल्यूडी विश्रामगृह के बाहर किसानों ने धरना दिया।
इसके बाद दोनों गुटों के किसान विधायक लीला राम आवास के बाहर ढांड रोड चौक पर एकत्रित हुए। जहां से प्रदर्शन करते हुए पहले विधायक आवास का घेराव किया और कानूनों की प्रतियां जलाईं। इसके बाद राज्यमंत्री कमेलश ढांडा के आवास के बाहर प्रदर्शन कर तीनों कृषि कानूनों की प्रतियां जलाईं। किसान नेता भरत सिंह बेनीवाल, सत्यपाल दिल्लोंवाली, गुरनाम सिंह खरक पांडवा, महेंद्र सिंह किसान सभा, ओमप्रकाश ढांडा, महेंद्र रामगढ़, सत्यवान सीटू, कॉमरेड प्रेम चंद, रमेश कुतुबपुर व जयप्रकाश शास्त्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने बीते वर्ष आज के दिन ही कृषि कानून लेकर आई थी। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर इन कृषि कानूनों की प्रतियां विधायक व मंत्री के आवास पर जलाई गई हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने तुरंत तीनों कृषि कानून रद्द नहीं किए, एमएसपी के लिए गारंटी नहीं दी, टोहाना से गिरफ्तार किसानों को रिहा नहीं किया व उन पर दर्ज किए मुकदमे वापस नहीं किए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आंदोलन तेज करने के लिए जिले के प्रत्येक गांव में जाकर संयुक्त किसान मोर्चा की कमेटियों का गठन किया जा रहा है। अब तक 16 गांवों में कमेटियां गठित कर दी गई है। इसके साथ ही प्रत्येक गांवों में महिला कमेटियों का भी गठन किया जाएगा। इस अवसर पर रामेश्वर किठाना, सोना देवी, शकुंतला देवी, सोहन सिंह पुनिया, सुनील सहारण रामगढ़, संदीप भाल मानस, ओमप्रकाश करोड़ा, ईशम सिंह गुर्जर, महेंद्र गुर्जर, राधा कृृष्ण खुराना, बलवान सिरटा, रामपाल प्रधान सहारण खाप, विक्रम गुहणा, सत्यवान सीटू, साहब सिंह व कृष्ण शेरगढ़ मौजूद रहे।