कलायत। क्षेत्र मेंं इस बार सूखे धान खेतोंं तक कपिल मुनि माइनर सिंचाई पानी पहुंचाने में सफल नहीं हो पा रही। इन हालातों में शहर व ग्रामीण अंचल में एक बड़े कृषि रकबे मेंं फसलें पानी के अभाव में तबाह होने की कगार पहुंच रही हैं। इसके चलते यह मामला बेहद गंभीर होता जा रहा है। निरंतर किसानों की बैठकों का सिलसिला इस मुद्दे को लेकर जारी है।
कलायत उप मंडल सिंचाई विभाग का दावा है कि सुदकैन डिस्टीब्यूट्री बुर्जी नंबर 65300 आर से 3.5 फीट गहराई से पानी चल रहा है। लेकिन कैथल व जाखौली जल सेवाएं उप मंडल कैथल के अधीन आने वाली 40383 फीट लंबी कपिल मुनि माइनर टेल तक पानी क्यों नहीं पहुंचा पा रही है।
आखिरकार इस बीच सिंचाई पानी कहां गायब हो रहा है। गणित के इस सवाल का हल सिंचाई विभाग नहीं तलाश पा रहा है। हालांकि कपिल मुनि माइनर हैड से 20.61 क्यूसिक व फुल सप्लाई की गहराई 2.70 फीट है। हाल ही मेंं कलायत सिंचाई विभाग के अधिकारियों की टीम ने जो मुआयना किया उस दौरान इस पानी की गहराई 3.7 फीट पाई गई।
इस तरह अपेक्षाकृत ज्यादा गहराई होने के बाद भी किसानों के खेत सूखे हैं। किसानों का कहना है कि इससे यह जाहिर होता है कि कपिल मुनि माइनर के हेड से टेल के बीच सिंचाई विभाग के अधिकारी पानी की सही निगरानी नहीं कर पा रहे। पेचीदा बने इस पानी के मुद्दे को लेकर किसानों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। वे इस संकट से खफा होकर अपनी सूखी फसलों को उखाडक़र सिंचाई विभाग कार्यालयों में फेंकने की चेतावनी दे चुके हैं।
इसके चलते कलायत से लेकर जिला व सिंचाई विभाग प्रदेश मुख्यालय तक यह मामला रंग पकड़े है।कलायत क्षेत्र के किसानों की सिंचाई पानी समस्या का हल करने के लिए सिरसा ब्रांच नहर की व्यवस्था मेंं भी सुधार की व्यापक स्तर पर मांग की जा रही है।
किसानों का कहना है कि पूंडरी के पास सिरसा ब्रांच नहर रिपेयर के नाम पर सिंचाई समस्या विभागीय अधिकारी खड़ी कर रहे हैं। रिपेयर कार्य में हो रही देरी व इसकी जांच के लिए अलग से प्रदेश स्तर पर एजेंसी गठित करने की मांग किसान उठा रहे हैं, ताकि भविष्य में किसानों के समक्ष इससे समस्या पैदा न हो। इसके लिए सीएम नायब सिंह सैनी के साथ-साथ जांच एजेंसियों से इस संबंध में किसानों ने शिकायत भेजने का निर्णय लिया है।
किसान सोनू नंबरदार, राहुल राणा मोनू, हरपाल सिंह, गुरदेव, जगपाल, रिषीपाल, संदीप, जोगी राम, अजमेर सिंह और दूसरे किसानों का कहना है कि कपिल मुनि माइनर के टेल तक पानी न आने शहर, ग्राम अंचल और मुढाढ़ गौशाला 360 के खेत प्यासे हैं।
यदि तुरंत प्रभाव से व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो फसलें नष्ट हो जाएंगी। हैरानी का विषय है कि इसके बावजूद न केवल माइनर में 46 राइस शूट सिंचाई विभाग द्वारा स्वीकृत किए हैं बल्कि अन्य समस्याएं भी पैदा हो रही हैं। इस तरह राइस शूट के नाम पर भी किसानों से मजाक हो रहा है। उन्होंने कपिल मुनि माइनर मेंं पानी न आने के सारे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
सिंचाई विभाग उप मंडल अभियंता अखिल कौशिक के अनुसार सिसला, कपिल मुनि, चौशाला, सुदकैन, बढ़सीकरी, मटौर, बरसौला, सिंसर, तारखां, घसों, टीबीएस व खेड़ी सप्पा माइनरें निकलती हैं। इनमें से 11 मेंं सिंचाई पानी की कोई समस्या नहीं। इस स्थिति से जिला उपायुक्त और सिंचाई विभाग के शीर्ष अधिकारियों को अवगत करवाया गया है।