धान की खरीद ना होने पर मंगलवार सुबह अनाज मंडी में धान लेकर पहुंचे किसान भड़क उठे। किसानों ने पहले मार्केट कमेटी कार्यालय का घेराव किया। बाद में शहर में रेलवे ओवर ब्रिज पर तो बाद में नेशनल हाइवे पर जाम लगा दिया। सूचना मिलने पर सीटीएम ने मौके पर पहुंच कर किसानों को आश्वासन दिया। तब जाकर किसानों ने जाम खोला। लेकिन शाम तक भी खरीद को लेकर कोई फैसला नहीं हो पाया।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के आश्वासन के बावजूद 26 सितंबर से सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई। वहीं सोमवार से शुरू हुई मिलर्स की हड़ताल ने कोढ़ में खाज का काम किया। कई दिनों से मंडी में धान लिए बैठे किसानों का गुस्सा भड़क उठा। किसान सुबह आठ बजे ही मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंच गए। जहां उन्होंने कार्यालय को ताला लगा दिया। इसके बाद प्रदर्शन करते हुए किसान जींद रोड पर रेलवे ओवर ब्रिज पर पहुंचे। जहां करीब दो घंटे तक किसानों ने जाम लगाए रखा। इसके बाद भी जब सुनवाई नहीं हुई तो किसान जाम लगाने के लिए नेशनल हाइवे पर जींद रोड बाईपास चौक जा पहुंचे। जहां किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में सूचना मिलने पर सीटीएम वीरेंद्र सांगवान मौके पर पहुंचे। वे किसानों को आश्वासन देकर अनाज मंडी स्थित मार्केट कमेटी कार्यालय लेकर आए। जहां मिलर्स को बुलाकर खरीद शुरू करवाने का आह्वान किया। मिलर्स ने अपनी बैठक के बाद फैसला लेने की बात कही। जिस पर किसान भी आश्वासन लेकर लौट आए। लेकिन शाम तक खरीद कार्य शुरू नहीं हो पाया।
किसानों ने लगाए खरीद में गड़बड़ी के आरोप
किसान जोगेंद्र सिंह राणा सीवन, राजेंद्र मेहता सीवन, सतपाल दिल्लोंवाली, भूपेंद्र अरणो, निरवैर सिंह गौरां, सुखदेव सिंह, मनज