कलायत। कैलरम में आयोजित कृषि विभाग के जागरूकता शिविर में किसानों को खेती में लागत कम करने के उपाय बताए गए। सहायक प्रौद्योगिकी प्रबंधक डॉ. रमेश समध्यान ने किसानों को धान की सीधी बिजाई की विधि का प्रशिक्षण दिया। समझाया कि इससे पानी बचाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि धान की सीधी बिजाई के लिए सबसे पहले खेत को कम्प्यूटरीकृत लेवलर से समतल करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि पारंपरिक रोपाई विधि के बजाय सीधी बिजाई तकनीक अपनाने से लगभग 35 प्रतिशत तक पानी की बचत होती है। इसके साथ ही श्रम लागत कम होती है, धान में बोना रोग से राहत मिलती है और समय की भी बचत होती है। डॉ. समध्यान ने कहा कि 25 मई से 10 जून तक धान की सीधी बिजाई का उपयुक्त समय है।
किसान आईडी बनवाने का किया आह्वान : किसानों को किसान आईडी बनवाने के लिए भी प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में कृषि से जुड़ी सभी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसान आईडी अनिवार्य होगी।